बीजपुर (सोनभद्र)। पुनर्वास स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के बाद एक नवजात की मौत हो जाने से स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाएं एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई हैं। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है तथा मामले की जांच की मांग उठने लगी है।
जानकारी के अनुसार नेमना निवासी राजेश्वर प्रजापति अपनी पत्नी गायत्री को रविवार तड़के प्रसव पीड़ा होने पर पुनर्वास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद महिला का सामान्य प्रसव तो कराया गया, लेकिन जन्म के कुछ ही समय बाद नवजात की मौत हो गई।
नवजात की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन और नवजात शिशुओं के उपचार से जुड़ी आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। साथ ही अस्पताल में मूलभूत व्यवस्थाएं भी पर्याप्त नहीं हैं। परिजनों का आरोप है कि समय पर समुचित उपचार और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता न होने के कारण उनके बच्चे की जान चली गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुनर्वास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें सामने आती रही हैं। एम्बुलेंस की उपलब्धता और आपातकालीन सेवाओं को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं। लोगों ने हाल ही में एनटीपीसी रिहंद क्षेत्र में एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंचने के कारण रास्ते में प्रसव होने की घटना का भी उल्लेख किया।
घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा पुनर्वास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करने की मांग की है। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों में प्रसव जैसी आपात सेवाओं के लिए पर्याप्त संसाधन और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
फिलहाल नवजात की मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। यह चिकित्सकीय जटिलता का मामला था या स्वास्थ्य केंद्र की किसी प्रकार की लापरवाही, इसका पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। मामले में स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
