सोनभद्र। बीसी संविदाओं ने अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है। इस संबंध में प्रार्थना पत्र देकर पिछले पांच वर्षों में जारी शासनादेशों को धरातल पर लागू कराने की मांग की गई है। बीसी संविदाओं का कहना है कि शासन की ओर से उनके हित में कई आदेश जारी किए गए, लेकिन अब तक उनका समुचित अनुपालन नहीं हो सका है। इसके कारण उन्हें कार्य करने और अपनी जीविका चलाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बीसी संविदाओं ने मांग की है कि ग्राम पंचायतों के पंचायत भवनों में उनके बैठने की उचित व्यवस्था कराई जाए। शासनादेश के अनुरूप उन्हें आधिकारिक पहचान पत्र उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनकी पहचान स्थापित हो सके और बैंकिंग संबंधी कार्यों में सुविधा मिले। इसके साथ ही नए राष्ट्रीयकृत बैंकों को जोड़ने से संबंधित शासनादेश को जल्द लागू कर सभी पात्र बीसी संविदाओं को आईडी जारी करने की मांग की गई है, जिससे वे अपना कार्य शुरू कर सकें।
प्रार्थना पत्र में मानदेय भुगतान का मुद्दा भी उठाया गया है। बीसी संविदाओं का कहना है कि छह महीने तक प्रतिमाह चार हजार रुपये मानदेय देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन कई लोगों को मानदेय नहीं मिला है, जबकि कुछ को दो या चार महीने का ही भुगतान प्राप्त हुआ है। उन्होंने बकाया मानदेय का भुगतान जल्द से जल्द उनके बैंक खातों में भेजने की मांग की है। इसके अलावा शासनादेश के अनुसार पंचायत स्तर पर मनरेगा भुगतान का कार्य बीसी संविदाओं के माध्यम से कराने की मांग की गई है। उनका कहना है कि बैंकों की ओर से उपलब्ध कराए गए उपकरण खराब हो चुके हैं और उन्हें पर्याप्त तकनीकी सहयोग भी नहीं मिला। इसके चलते पिछले कई वर्षों से उनका काम प्रभावित है। उन्होंने नए बैंकों के साथ काम करने के लिए आवश्यक उपकरण और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि वे सुचारु रूप से अपनी सेवाएं दे सकें।एक महीने में समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
बीसी संविदाओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान एक महीने के भीतर नहीं किया गया, तो जनपद की समस्त बीसी संविदाएं जिला मुख्यालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द कार्रवाई करने की अपील की है।इस मौके पर पूजा कुमारी जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में दर्जनों बीसी सखी मौजूद रही।
