सोनभद्र। रौनियार वैश्य समाज सोनभद्र के तत्वावधान में देश के अंतिम हिंदू सम्राट महाराजा हेमचंद्र विक्रमादित्य (हेमू) की स्मृति में बुधवार को नगर पालिका परिषद स्थित विवेकानंद प्रेक्षागृह में हेमू विजय उत्सव समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के लोगों ने महाराजा हेमचंद्र विक्रमादित्य के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह के मुख्य अतिथि रौनियार समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य का भारतीय इतिहास में अत्यंत गौरवपूर्ण स्थान है। वे 16वीं शताब्दी में दिल्ली के सिंहासन पर विराजमान होने वाले अंतिम हिंदू सम्राट थे। उन्होंने अपने साहस, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रभक्ति के बल पर भारतीय इतिहास में अमिट छाप छोड़ी। उनके योगदान और उपलब्धियों को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
विशिष्ट अतिथि झारखंड प्रदेश के महामंत्री मनोहर गुप्ता ने कहा कि हेमू एक कुशल सैन्य रणनीतिकार और अद्वितीय योद्धा थे। उन्होंने पंजाब से बंगाल तक अफगान विद्रोहियों और मुगलों के विरुद्ध लगातार 22 युद्ध लड़े और सभी में विजय प्राप्त की। उनकी सैन्य प्रतिभा भारतीय इतिहास में विशेष स्थान रखती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए रौनियार समाज के जिलाध्यक्ष रामसहाई रौनियार ने कहा कि हुमायूं की मृत्यु के बाद उत्पन्न राजनीतिक परिस्थितियों का लाभ उठाते हुए हेमू ने मुगलों को पीछे धकेला। 7 अक्टूबर 1556 को तुगलकाबाद के युद्ध में उन्होंने मुगल सेना के गवर्नर तरदी बेग खान को पराजित कर दिल्ली पर विजय प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने पुराना किला, दिल्ली में राज्याभिषेक कराकर "विक्रमादित्य" की उपाधि धारण की, जो भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।
कार्यक्रम का संचालन संजीव कुमार गुप्ता ने किया। इस अवसर पर संरक्षक शिवशंकर गुप्ता, डॉ. लखन लाल जंगली, प्रेमचंद गुप्ता, संगम लाल गुप्ता, राजेश कुमार गुप्ता, कृष्ण मुरारी गुप्ता, हनुमान प्रसाद गुप्ता, अजय कुमार, सचिन कुमार गुप्ता, अभिषेक कुमार गुप्ता, आनंद कुमार गुप्ता, राजू कुमार गुप्ता, सुरेश कुमार, नेपाल प्रसाद गुप्ता, जयप्रकाश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में रौनियार समाज के लोग उपस्थित रहे।
