प्रतापगढ़/बाबागंज।बकरी के सब्जी के खेत में घुसने से शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। घर में घुसकर महिलाओं पर लाठी-डंडे, लोहे की रॉड और धारदार हथियार से हमला किए जाने के मामले में अब महेशगंज पुलिस पर ही हमलावरों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता का आरोप है कि गंभीर चोटों के बावजूद पुलिस ने मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और घटना के करीब एक सप्ताह बाद भी न तो धाराएं बढ़ाई गईं और न ही हमलावरों की गिरफ्तारी की गई।
महेशगंज थाना क्षेत्र के तख्त का पुरवा मजरे ऐंधा, नगर पंचायत हीरागंज निवासी आरती देवी पत्नी ओम प्रकाश का कहना है कि उन्होंने अपने घर के हाते में सब्जी बो रखी थी। पड़ोसी की बकरी हाते में घुसकर सब्जी के पौधों को नुकसान पहुंचाने लगी, जिसका आरती की सास शांति देवी ने विरोध किया। इसी बात से नाराज पड़ोस के बकरी मालिक दर्जनभर से अधिक लोगों ने घर में घुसकर आरती, उसकी सास शांति देवी और देवरानी रीना पर लाठी-डंडे, लोहे की रॉड और धारदार हथियार से हमला कर दिया।
हमले में रीना की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका लखनऊ में वेंटिलेटर पर इलाज चल रहा है। पीड़िता आरती का आरोप है कि गंभीर हमला होने के बावजूद पुलिस ने उसकी इच्छा के अनुसार तहरीर दर्ज नहीं की और आरोपियों पर हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले को सीमित कर दिया। घटना के करीब एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा न तो धाराओं में बढ़ोतरी की गई और न ही किसी आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
पीड़िता का आरोप है कि कार्रवाई के अभाव में हमलावरों के हौसले बुलंद हैं और अब परिवार को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। इतना ही नहीं हमलावर अब इंस्ट्राग्राम पर हमले की धमकी वाली वीडियो भी पोस्ट कर रहें हैं। ऐसे में घायल परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। मामले में महेशगंज पुलिस ने बीते 22 सितंबर को आरती देवी की तहरीर पर संतलाल, शिवमूरत, सियालाल और कल्लू के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। वहीं मामले में एसओ राहुल कुमार गौतम का कहना है कि मुकदमा पीड़िता की तहरीर के आधार पर दर्ज किया गया है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक धाराओं में बढ़ोतरी की जाएगी।
