प्रतापगढ़/बाबागंज। बकरियों द्वारा सब्जी का पौधा खा लेने के विवाद में हुई मारपीट के मामलें में अस्पताल में भर्ती महिला की कोमा में ही मौत हो गई। महिला की मृत्यु की जानकारी होने के बाद परिजनों सहित क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। व्यपारियों ने काफी देर तक दुकान बंद करके अपना विरोध दर्ज कराया।
महेशगंज थाना क्षेत्र के हीरागंज नगर पंचायत (तख्त का पुरवा) गांव की रहने वाली आरती केसरवानी पत्नी ओम प्रकाश केसरवानी ने अपने घर के भीतर सब्जी की रोपाई की थी। 22 सितम्बर को पड़ोस के रहने वाले संतलाल की बकरी घर में घुसकर उनके सब्जी के पौधों को खा रही थी तो उसने विरोध किया था। विरोध करने पर संतलाल और उसके पारिवारिकजनो ने आरती सहित, उसकी देवरान रीता पत्नी मनोज पर लाठी डंडों से हमला कर दिया था। आरती की तहरीर पर पुलिस ने संतलाल सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मारपीट सहित मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था लेकिन मारपीट में गम्भीर रूप से घायल रीता कोमा में चली गई थी और उसका इलाज लखनऊ के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। इलाज के दौरान शनिवार की शाम उसकी मौत हो गई। मौत की खबर सुनते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया और वे मामलें में पुलिस पर लापरवाही और उदासीनता का आरोप लगाने लगे। रविवार की सुबह हीरागंज के व्यापारियों ने अपनी दुकान बंद करके अपना आक्रोश व्यक्त किया। उधर पुलिस ने मुकदमें में बीएनएस की धारा 109(1) की बढ़ोत्तरी करके हमले में शामिल शिवमूरत, सियालाल और कल्लू उर्फ अर्जुन को कुंडा थाना क्षेत्र के नई बाजार में स्थित निर्माणाधीन मकान से गिरफ्तार करके सभी का चालान कर दिया। पुलिसिया पूछताछ ने हमलवारों ने सब्जी के विवाद में हमला करने की बात स्वीकार की है। मृतिका रीता का पीएम लखनऊ में हो रहा है। खबर लिखे जाने तक उसका शव वापस नही आ पाया था।घटना को लेकर हीरागंज के व्यापारियों में आक्रोश बना हुआ है। पुलिस पूरी घटना पर अपनी निगाह बनाए हुए है। इस संबंध में एसओ राहुल कुमार का कहना है कि धारा की बढ़ोत्तरी करके आरोपियों का चालान किया जा चुका है।
