- महिषासुर वध करती मां दुर्गा की विशाल प्रतिमा बनी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र
पीलीभीत। कस्बा गजरौला कला में शुक्रवार को धार्मिक उल्लास और भक्तिमय माहौल के बीच सात दिवसीय दुर्गा मेले का शुभारंभ हुआ। दुर्गा मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की गई। पंडित अंकित चक्रवर्ती ने विधि-विधान से बेल वृक्ष का पूजन कर मां भगवती का आह्वान किया। फल, फूल और नारियल अर्पित कर श्रद्धालुओं ने माता रानी से सुख-समृद्धि की कामना की।पूजन के बाद भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें ब्लॉक प्रमुख सभ्यता वर्मा ने सिर पर कलश धारण कर कन्याओं के साथ भाग लिया। करीब दो किलोमीटर दूर स्थित लोहिया पुल से गंगाजल लेकर कन्याएं वापस दुर्गा मंदिर पहुंचीं। इसके बाद मंदिर परिसर में विधि-विधान से कलश स्थापना कर मां भगवती की आराधना की गई।करीब तीन बीघा क्षेत्र में आयोजित मेले में आकर्षक पंडाल सजाया गया है। मां दुर्गा की विशाल प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। प्रतिमा में मां शेरावाली को महिषासुर का वध करते हुए दर्शाया गया है। साथ ही भगवान गणेश, कार्तिकेय, मां लक्ष्मी और माता सरस्वती भी विराजमान हैं। मेले में खेल-खिलौनों समेत विभिन्न प्रकार की दुकानें सजाई गई हैं। सात दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ रामलीला का मंचन भी होगा।मेला अध्यक्ष रामेश्वर दयाल ने बताया कि देश की आजादी के बाद से मेले की शुरुआत हुई थी। तभी से मेला कमेटी और स्थानीय लोग इस परंपरा को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। मेले में आसपास के गांवों और दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचकर मां भगवती के दर्शन और पूजा-अर्चना करते हैं।इस मौके पर ग्राम प्रधान जशोदा देवी, ग्राम प्रधान पति नेमचंद वर्मा, ग्राम प्रधान गजरौला सहेराई पिचहत्तर सिंह, महेंद्र पाल शर्मा, गोपाल सरकार, नोनी राम, श्यामल हालदार, दीपक वैद्य, नीरज वर्मा सहित मेला कमेटी के सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। मेले के शुभारंभ के साथ ही पूरे कस्बे में धार्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल छा गया।
