प्रतापगढ़/बाबागंज। बाबागंज ब्लाक में प्रधानपति ने विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से मिलीभगत करके अपने ही ग्राम पंचायत में अपने साले और साली को मनरेगा का मजदूर बना दिया और बाकायदा उनका जॉब कार्ड बनाकर उनके नाम मनरेगा की मजदूरी का भुगतान भी करा दिया। खाते में सरकारी पैसा जाने के बाद प्रधानपति के साले और साली ने पैसा निकालकर उसका उपयोग और उपभोग भी कर लिया। मामलें की शिकायत डीएम से की गई है।
बाबागंज ब्लाक में मनरेगा में ऐसा कोई भी कार्य नही है जो कि न हो जाय। चंद पैसों की लालच में यहां कर्मचारी कोई भी कृत्य कर जातें हैं। ऐसा ही एक मामला भैसाना ग्राम सभा का सामने आया है। जहाँ पर प्रधानपति ने बिहार ब्लाक के अवतारपुर गांव के रहने वाले अपने साले और साली का जॉब कार्ड अपनी ही ग्राम पंचायत में बनाकर उनको अपने यहां ही मनरेगा मजदूर बना दिया और बाकायदा उनके नाम का मस्टर रोल जारी करवाकर उनके खाते में मनरेगा मजदूरी का भुगतान भी करा दिया। गांव के रहने वाले प्रभाकर तिवारी, सूर्य प्रकाश और अमित मिश्र ने पूरे मामलें की शिकायत डीएम से शपथपत्र देकर की है। शिकायतकर्ताओ का आरोप है कि ग्राम प्रधान से लेकर ब्लाक के सभी सम्बंधित अधिकारियों और कर्मचारियों ने मनरेगा गाइड लाइन की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाकर दूसरे गांव के रहने वाले व्यक्तियों को मनरेगा मजदूर बनाकर सरकारी धन का गबन कराया है। उन्होंने डीएम से जांच कराकर सभी दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही सहित आपराधिक कार्यवाही करवाने की मांग की है। उधर सूत्रों पर यकीन करें तो डीएम ने मामलें को गम्भीरता से लेते हुए मामलें में आवश्यक कार्यवाही के निर्देश भी दे दिए हैं।
