डीएम ने बैंकर्स को दिए अधिक से अधिक पात्र युवाओं के ऋण स्वीकृत करने के निर्देश, अनावश्यक आवेदन निरस्त करने पर जताई नाराजगी।
अमेठी। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शशांक चैधरी की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैंकर्स एवं संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना की प्रगति, ऋण स्वीकृति एवं वितरण की स्थिति तथा बैंकों में लंबित आवेदनों की बैंकवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने खराब प्रगति वाले बैंकों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने और पात्र लाभार्थियों के आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए। बैठक में उपायुक्त उद्योग अभय कुमार सुमन ने योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि जनपद को योजना के अंतर्गत 1,700 आवेदनों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके सापेक्ष 1,509 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 524 आवेदनों पर बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृत कर वितरित किया जा चुका है। वहीं, 760 आवेदन निरस्त किए गए हैं तथा 486 आवेदन अभी लंबित हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजना है। इसका उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बैंकर्स को निर्देशित किया कि योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने में अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र आवेदन को बिना उचित कारण के निरस्त न किया जाए। आवेदन पत्रों की जांच करते समय निर्धारित मानकों का पालन किया जाए तथा कमियों की स्थिति में आवेदकों को आवश्यक जानकारी देकर नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करने में सहयोग प्रदान किया जाए। उन्होंने बैंकों को अधिक से अधिक पात्र आवेदनों को स्वीकृत करने और ऋण वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बैंकवार प्रगति का आकलन करते हुए जिन बैंकों की स्थिति खराब पाई गई, उन्हें विशेष रूप से सुधार करने के निर्देश दिए। जिन बैंकों में योजना के अंतर्गत अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है, उन्हें एक सप्ताह के भीतर अपेक्षित सुधार लाने तथा लंबित आवेदनों पर प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी बैंक आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए आगामी माह में योजना की प्रगति और जनपद की रैंकिंग में सुधार लाने के लिए विशेष प्रयास करें। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि किसी बैंक की प्रगति लगातार खराब रहती है और अपेक्षित सुधार नहीं होता है, तो संबंधित बैंक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के लिए शासन को अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान केवल ऋण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को रोजगार तलाशने वाले के स्थान पर रोजगार सृजित करने वाला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी एवं बैंकर्स योजना को प्राथमिकता देते हुए निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू, उपायुक्त उद्योग अभय कुमार सुमन, अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) राम अवतार मीणा, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
