अमेठीः सच्चा लोकतंत्र और ग्राम स्वराज गांधी के विचारों की देन- अर्जुन पाण्डेय
October 03, 2026
अमेठी। अवधी साहित्य संस्थान अमेठी की ओर से शनिवार को नगर स्थित डाक बंगले में गांधी और लोकतंत्र विषय पर संवाद गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पूजन-अर्चन एवं माल्यार्पण से हुआ। संस्थान के अध्यक्ष डॉ. अर्जुन पाण्डेय ने कहा कि गांधीजी का लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं था, बल्कि ग्राम स्वराज और सर्वोदय पर आधारित था। उनका सपना गांवों को आत्मनिर्भर बनाना और निर्णय प्रक्रिया में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करना था। सच्चे लोकतंत्र और रामराज्य की संकल्पना गांधीजी के विचारों से जुड़ी है। विषय प्रवर्तन करते हुए अम्बरीष मिश्र ने कहा कि राजनीति में नैतिकता के माध्यम से ही दबे-कुचले लोगों को न्याय मिल सकता है। वहीं, अध्यक्षता कर रहे कैलाश नाथ शर्मा ने सत्ता के विकेंद्रीकरण और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया। मुख्य अतिथि शब्बीर अहमद सूरी ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और सत्य, अहिंसा व सत्याग्रह से बेहतर समाज का निर्माण संभव है। विशिष्ट अतिथि रामकुमारी संसृति ने गांधीजी के अहिंसक संघर्ष को प्रेरणादायक बताया। सत्येन्द्र प्रकाश शुक्ल, अमर बहादुर सिंह, दिवस प्रताप सिंह और स्वामीनाथ पाल ने भी गांधीजी के विचारों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। आशुतोष गुप्ता और अनुभव मिश्र ने अपने विचार साझा किए। राष्ट्रगान के साथ गोष्ठी का समापन हुआ।
