लम्भुआ/ सुल्तानपुर। तहसील कार्यालय की छत और सीढ़ियों पर कागजात रखे होने की तस्वीरें सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिन अभिलेखों की सुरक्षा और व्यवस्थित रखरखाव तहसील प्रशासन की जिम्मेदारी है, वही कागजात खुले स्थानों पर नजर आ रहे हैं।
सवाल यह है कि जिला प्रशासन की ओर से सरकारी कार्यालयों की व्यवस्था और अभिलेखों की सुरक्षा को लेकर लगातार निर्देश दिए जाने के बावजूद ऐसी स्थिति कैसे बनी? क्या संबंधित अधिकारियों ने कार्यालय का निरीक्षण नहीं किया या फिर निरीक्षण के बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ?
राजस्व अभिलेखों से आम लोगों के जमीन-जायदाद और अन्य महत्वपूर्ण मामले जुड़े होते हैं। ऐसे में इनके रखरखाव में किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर चिंता का विषय हो सकती है।
पूर्व में कागजात से जुड़े एक मामले में शैलेंद्र कुमार सिंह के निलंबन और बाद में बहाली का प्रकरण भी चर्चा में रहा था। वर्तमान मामले से उसका कोई सीधा संबंध है या नहीं, यह जांच का विषय है। लेकिन इस पुराने संदर्भ के बीच अब तहसील में कागजातों की स्थिति ने प्रशासनिक निगरानी पर नए सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
क्या जिला प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर जांच कराएगा? कागजात छत और सीढ़ियों पर क्यों रखे गए? उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किस अधिकारी की है? और यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो क्या जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी?
लम्भुआ तहसील की तस्वीरें अब प्रशासन के सामने एक सीधा सवाल बनकर खड़ी हैंकृसरकारी अभिलेखों की सुरक्षा आखिर किसके भरोसे है? ’अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।’
