लखनऊः अनुदीप फाउंडेशन ने उत्तर प्रदेश में एआई-रेडी शिक्षण व्यवस्था बनाने के लिए यूपी एजुकेटर कैटलिस्ट प्रोग्राम की शुरुआत की
October 07, 2026
लखनऊ। अनुदीप फाउंडेशन ने माइक्रोसॉफ्ट एलिवेट इंडिया के सहयोग से आज लखनऊ में यूपी एजुकेटर कैटलिस्ट दृ बिल्डिंग एआई रेडी क्लासरूम प्रोग्राम की शुरुआत की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों में 52,000 से अधिक शिक्षकों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की समझ बढ़ाना, इसके व्यावहारिक उपयोग को प्रोत्साहित करना और कक्षाओं में एआई के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है स कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उन शिक्षण संस्थानों के प्रिंसिपल और शिक्षक शामिल हुए, जो इस पहल का हिस्सा रहे हैं। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण गोरखपुर और प्रयागराज के एक्सपर्ट टीचर्स रहे, जो इस पहल के पहले कैटेलिस्ट कैटलिस्ट हैं। कक्षाओं में एआई के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और अन्य शिक्षकों को प्रेरित करने में उनके योगदान के लिए उन्हें सम्मानित किया गया।दीप प्रज्वलन समारोह में समग्र शिक्षा (माध्यमिक शिक्षा) के अपर राज्य परियोजना निदेशक विष्णु कांत पांडे, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया डेवलपमेंट सेंटर में प्रोडक्ट ग्रोथ के निदेशक एवं चीफ ऑफ स्टाफ अपूर्व सेठ और अनुदीप फाउंडेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तनमय मुखर्जी शामिल हुए।अनुदीप फाउंडेशन। की टीम ने कार्यक्रम की आगे की योजना और शुरुआती प्रभावों की जानकारी दी। कार्यक्रम तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित हैकृशिक्षकों में एआई विशेषज्ञता विकसित करना, शिक्षण संस्थानों में एआई को अपनाने में मदद करना और मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से इस पहल का व्यापक विस्तार करना।माइक्रोसॉफ्ट इंडिया डेवलपमेंट सेंटर के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं प्रेसिडेंट राजीव कुमार ने कहा कि “हमें उत्तर प्रदेश सरकार, समग्र शिक्षा, उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग और अनुदीप फाउंडेशन के साथ यूपी एजुकेटर कैटेलिस्ट प्रोग्राम पर काम करने की खुशी है। जब शिक्षकों को सही टूल्स और जानकारी से सक्षम बनाया जाता है, तो वे विद्यार्थियों को ऐसे भविष्य के लिए बेहतर ढंग से तैयार कर पाते हैं।कार्यक्रम के शुभारंभ पर अनुदीप फाउंडेशन की सीईओ मोनिशा बनर्जी ने कहा, “एआई को समझने और इस्तेमाल करने में सक्षम एक शिक्षक पूरी कक्षा में बदलाव ला सकता हैकृचाहे विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाना हो या उनमें जिज्ञासा विकसित करना। भारत का एआई भविष्य सिर्फ लैब और बोर्डरूम में नहीं बनेगा, बल्कि गोरखपुर, प्रयागराज और उत्तर प्रदेश के हर जिले की कक्षाओं में भी आकार लेगा।यूपी एजुकेटर कैटेलिस्ट प्रोग्राम के माध्यम से हम केवल शिक्षकों को एआई टूल्स का इस्तेमाल करना नहीं सिखा रहे हैं, बल्कि ऐसे कैटलिस्ट का समुदाय तैयार कर रहे हैं, जो इस जानकारी को दूसरे शिक्षकों तक पहुँचाएंगे। हमारा उद्देश्य है कि हर विद्यार्थी एआई के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार हो और भारत को इस क्षेत्र में अग्रणी बनाने में योगदान दे सके।”
