गश्त के बावजूद बड़े पैमाने पर कटान की शिकायतें, पहले भी कार्रवाई चर्चा में रही, फिर कैसे नहीं थम रहा सिलसिला?
पूरनपुर। क्षेत्र में पेड़ों के कटान को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं आरोप है कि रात होते ही पेड़ों की कटाई शुरू हो जाती है और सुबह होने तक कई जगह कटान का काम पूरा कर लिया जाता है बड़े पैमाने पर हो रही इस गतिविधि से क्षेत्र की हरियाली पर संकट मंडराने की आशंका जताई जा रही है वहीं, वन विभाग की निगरानी और गश्त व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि यदि वन विभाग की ओर से नियमित गश्त की जाती है तो रात के अंधेरे में पेड़ों का कटान कैसे हो रहा है? क्या विभाग को इसकी भनक नहीं लगती या निगरानी व्यवस्था में कहीं कोई कमी है? हालांकि, इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा क्षेत्र में इससे पहले भी वन विभाग की कार्रवाई चर्चा में रही है इसके बावजूद पेड़ों के कटान की शिकायतें सामने आना विभागीय कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है यदि अवैध कटान हो रहा है तो इसमें शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? वहीं, प्रतिबंधित प्रजाति के पेड़ों के कटान की पुष्टि होने पर जिम्मेदारों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए रात के अंधेरे में कटान होने के आरोपों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कहीं निगरानी व्यवस्था में लापरवाही तो नहीं बरती जा रही हालांकि, किसी व्यक्ति या अधिकारी की मिलीभगत के आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है क्या क्षेत्र में रात के समय गश्त की वास्तविक स्थिति की जांच होगी? कटान वाले स्थानों को चिह्नित कर पेड़ों की प्रजाति और कटान की वैधता की पड़ताल की जाएगी? फिलहाल, पूरनपुर में हरियाली की सुरक्षा और वन विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर विभाग के आधिकारिक पक्ष और ठोस कार्रवाई का इंतजार है।
