रामपुर । राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर गांधी समाधि स्थल पर श्रद्धा और देशभक्ति के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रदेश सरकार के कृषि राज्य मंत्री ने मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चंद्र, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व आनंद कुमार सिंह तथा सिटी मजिस्ट्रेट सालिक राम की उपस्थिति में महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पचक्र एवं पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों गणमानी नागरिकों एवं छात्र-छात्राओं ने एक स्वर में राष्ट्रगीत का गायन किया गया। इसके बाद राज्य मंत्री श्री बलदेव सिंह औलख ने ध्वजारोहण किया और राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया। छात्र-छात्राओं ने महात्मा गांधी के प्रिय भजन ‘रघुपति राघव राजा राम’ का गायन कर वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। मुख्य विकास अधिकारी श्री गुलाब चंद्र ने उपस्थित लोगों को एकता, अखंडता एवं अहिंसा की शपथ दिलाई। इसके उपरांत अन्य शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन किया गया।
इस अवसर पर राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने जनपदवासियों को गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के आदर्शों पर चलकर देश के स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा और गति प्रदान की। सत्याग्रह एवं सविनय अवज्ञा आंदोलन के माध्यम से उन्होंने देशवासियों में स्वतंत्रता की भावना को मजबूत किया।
उन्होंने कहा कि गांधी जयंती उनके आदर्शों, सिद्धांतों और सद्विचारों को अपने जीवन में अपनाने का अवसर है। विद्यार्थियों एवं युवा पीढ़ी को बापू के विचारों से प्रेरणा लेकर देशहित में अपना योगदान देना चाहिए। महात्मा गांधी ने राजनीतिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकता के माध्यम से देश को एक सूत्र में पिरोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राज्य मंत्री ने कहा कि गांधी जयंती उन सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं क्रांतिकारियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी अवसर है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
लाल बहादुर शास्त्री जी को नमन करते हुए राज्य मंत्री ने कहा कि उन्होंने महात्मा गांधी के नेतृत्व में राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की और स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देश की आजादी के बाद प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने दृढ़ एवं शांत नेतृत्व प्रदान किया। वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान उन्होंने देश का नेतृत्व किया तथा ‘जय जवान, जय किसान’ का प्रेरणादायी नारा दिया।
उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का जीवन सादगी, ईमानदारी और देशभक्ति का प्रतीक है। उनका जीवन आज भी प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं को राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि गांधी जी और शास्त्री जी के आदर्शों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम के अंत में क्रॉस कंट्री रेस के विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
