पीलीभीत। लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के तहत गुरुवार को समाजवादी पार्टी ने पीलीभीत में शक्ति प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट का घेराव किया। बड़ी संख्या में सपा नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। हाथों में पार्टी के झंडे और विभिन्न नारों के साथ कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर भाजपा सरकार तथा चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।सपा के प्रदर्शन में गांधी की झांकी भी शामिल रही। गांधी के किरदार के साथ कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा का संदेश देने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जिस तरह महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन में जनता को एकजुट किया था, उसी तरह समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है।
सपा जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार समेत पार्टी के तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे। देखते ही देखते कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई। कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान भाजपा और चुनाव आयोग के खिलाफ भी जमकर नारे लगाए गए।सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कथित ‘वोट चोरी’ और चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता का वोट सबसे महत्वपूर्ण अधिकार है और चुनाव व्यवस्था में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है।
प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पुतला फूंकने का प्रयास किया। जैसे ही कार्यकर्ता पुतले को लेकर आगे बढ़े, मौके पर मौजूद पुलिस बल ने उसे छीन लिया। इस दौरान कुछ देर के लिए पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच खींचतान की स्थिति बनी रही। पुलिस ने पुतला अपने कब्जे में लेकर स्थिति को नियंत्रित किया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रदर्शनकारी काफी देर तक नारेबाजी करते रहे।सपा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और इस्तीफे की मांग उठाई गई। साथ ही चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की गई।
पूर्व चेयरमैन राजीव अग्रवाल टीटी ने कहा कि महात्मा गांधी ने देशवासियों को उनके अधिकारों के लिए संघर्ष का रास्ता दिखाया था। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी भी बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान और जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए आवाज उठा रही है। उन्होंने चुनाव व्यवस्था को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की जांच और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई।उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुए विरोध के दौरान भी वह मौजूद रहे थे और विपक्षी नेताओं के साथ कार्रवाई की गई थी। उन्होंने दावा किया कि अब विभिन्न विपक्षी दल इस अभियान से जुड़ रहे हैं और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के सड़क पर उतरने से कलेक्ट्रेट के आसपास माहौल राजनीतिक नारों से गूंजता रहा। पुलिस ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। प्रदर्शनकारियों ने काफी देर तक नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को उठाया। बाद में ज्ञापन सौंपे जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
