लखनऊ: बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए नगर निगम के प्रयासों की प्रभारी मंत्री ने की सराहना
October 16, 2026
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने शुक्रवार को फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने नगर निगम के कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर राहत कार्यों के संचालन, प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी और शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री, स्वच्छ पेयजल और आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को और गति देने के निर्देश दिए।प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अतिवृष्टि के कारण उत्पन्न चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में महापौर सुषमा खर्कवाल , नगर आयुक्तगौरव कुमार , नगर निगम की टीम और संबंधित जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार किए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने और जनजीवन सामान्य बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते रहें।नगर आयुक्त ने प्रभारी मंत्री को बताया कि गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से फैजुल्लागंज क्षेत्र में लगभग 6500 घर, करीब 8 किलोमीटर का क्षेत्र और लगभग 50 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए नगर निगम एवं प्रशासन की टीमें लगातार कार्य कर रही हैं। अस्थायी आश्रय स्थलों, पेयजल आपूर्ति, खाद्य सामग्री वितरण, सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।प्रभारी मंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रत्येक प्रभावित परिवार तक सहायता पहुंचाना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने जलनिकासी में तेजी लाने के साथ ही प्रभावित बस्तियों में रहने वाले लोगों की दैनिक आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था के लिए टैंकर नियमित रूप से भेजे जाएं। लोगों को फिलहाल समर्सिबल पंप के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी जाए, ताकि दूषित पानी से होने वाली बीमारियों का खतरा कम किया जा सके।उन्होंने जलभराव से प्रभावित घरों के सेप्टिक टैंकों की स्थिति का आकलन कर आवश्यकतानुसार सक्शन मशीनों से सफाई कराने, नालियों की सफाई और कीटनाशक छिड़काव सुनिश्चित करने को कहा। मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए एंटी लार्वा छिड़काव और फॉगिंग के साथ जरूरत के अनुसार ड्रोन के माध्यम से छिड़काव कराने पर भी जोर दिया।
