कुंडा/प्रतापगढ। जिले में अपनी समस्या के समाधान के लिए टावर पर चढ़कर विरोध जताने का तरीका अब चर्चा में आने लगा है। बीते सोमवार को बाघराय थाना क्षेत्र के सिया गांव निवासी सुरेश सरोज ने छेउंगा लक्ष्मणपुर में आवागमन के लिए रास्ता न होने की समस्या को लेकर टावर पर चढ़कर हंगामा किया था। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने आश्वासन देकर समस्या का निस्तारण कराया, लेकिन पुलिस ने सुरेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इस घटना के कुछ ही दिनों बाद अब संग्रामगढ़ इलाके में भी रास्ते और जल निकासी की समस्या को लेकर एक ग्रामीण के टावर पर चढ़ने का मामला सामने आया है।
कोटा भवानीगंज निवासी उमेश सरोज उर्फ बाला मिस्त्री गुरुवार को रास्ते और जल निकासी की समस्या के समाधान की मांग को लेकर बीएसएनएल टावर पर चढ़ गया। युवक के टावर पर चढ़ने की जानकारी होते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
बताया गया कि उमेश पिछले करीब छह माह से रास्ते और जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए आईजीआरएस समेत संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत करता आ रहा था। आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। इससे नाराज होकर उसने टावर पर चढ़कर विरोध जताया।
मौके पर पहुंचे एसडीएम कुंडा अजय यादव ने युवक से बातचीत की और रास्ते तथा जल निकासी की समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद युवक को टावर से नीचे उतारा गया। पुलिस उसे अपने साथ थाने ले गई।
उधर, एसओ सिद्धार्थ सिंह ने बताया कि अवैध रूप से टावर पर चढ़ने वाले युवक के खिलाफ अधिकारियों के आदेश पर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
लगातार सामने आ रही इन दोनों घटनाओं ने प्रशासन के लिए भी सवाल खड़ा कर दिया है। एक ओर समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों को टावर पर चढ़ने जैसा खतरनाक कदम उठाना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर ऐसे मामलों में पुलिस कार्रवाई भी सामने आ रही है। अब देखना यह है कि टावर पर चढ़कर अधिकारियों का ध्यान खींचने का यह तरीका आने वाले दिनों में थमता है या फिर समस्याओं के समाधान का नया श्ट्रेंडश् बनता है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर अधिकारी जनता की समस्याओं का समाधान करने में रुचि क्यों नही लें रहें हैं, जबकि सरकार का दावा है कि समस्या का समाधान किया जा रहा है।
