लखनऊः एनएचएम संविदा कर्मचारियों की आर-पार की लड़ाईरू नियमितीकरण और समान वेतन की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान! 5 अक्टूबर से कलाफीता बांधकर एनएचएम कर्मचारियों जताएंगे अपना विरोध, प्रदर्शन की हुई शुरुआत
October 04, 2026
लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है. उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले रविवार को शहर की पंजाबी रसोई में जिला एवं ब्लॉक लेवल की कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में कर्मचारियों ने नियमितीकरण और श्समान कार्य-समान वेतनश् सहित अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की जोरदार मांग उठाई।जिला अध्यक्ष विकास श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में एक लाख से अधिक संविदा कर्मचारी विगत 15-18 वर्षों से स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अन्य राज्यों की तरह यहां उचित वेतन संरचना और सुविधाएं विकसित नहीं की गई हैं।महामंत्री देवेंद्र नाथ पांडे ने बताया कि शासन स्तर पर सुनवाई न होने के कारण अब संगठन ने चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली है। आगामी कार्यक्रमों के तहत 5, 6 व 7 अक्टूबर को सभी एनएचएम कर्मचारी कार्यस्थल पर रहकर काला फीता बांधकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद 8, 9 और 10 अक्टूबर को आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर जिला मुख्यालय एवं समस्त सीएचसी-पीएचसी पर कार्य बहिष्कार किया जाएगा।संरक्षक संजय राय ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कठिन दौर से लेकर टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों में इन कर्मचारियों ने जान की परवाह किए बिना काम किया है, इसलिए उनका हक मिलना ही चाहिए।संरक्षक डॉ. राकेश गुप्ता द्वारा बताया गया कि यदि सरकार ने जल्द ही मांगों पर सहमति नहीं बनाई, तो 12 अक्टूबर से संविदा कर्मचारी लखनऊ में अनिश्चितकालीन विशाल प्रदर्शन और हड़ताल के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस बैठक और आगामी आंदोलनों में विजय वर्मा, कुलदीप चैहान, डॉ. पूनम, सुष्मिता वर्मा, पूनम जायसवाल, अमित खरे और शिप्रा वर्मा, डॉ. अनिल वर्मा, पद्माकर त्रिपाठी, पंकज अस्थाना, अनुराग सिंह, सुलोचना, सुरेंद्र गुप्ता, दीपा शर्मा, सीमा प्रजापति, भारती देवी, संध्या, नीलम समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
