लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों का आंदोलन अब और अधिक मुखर हो गया है। नियमितीकरण और श्समान कार्य-समान वेतनश् जैसी प्रमुख मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन के तहत, 7 अक्टूबर को भी जनपद के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कर्मचारियों ने काला फीता बांधकर रोष व्यक्त किया। पूर्व निर्धारित रणनीति के अनुसार, अब यह आंदोलन अगले चरण में प्रवेश कर गया है और 8 अक्टूबर (आज) से 10 अक्टूबर तक जनपद मुख्यालय पर संपूर्ण कार्य बहिष्कार व धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले लखीमपुर खीरी में स्वास्थ्य कर्मियों का गुस्सा लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। जिलेभर के सीएचसी, पीएचसी, टीबी अस्पताल, दोनों जिला अस्पतालों और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ब्डव्) कार्यालय में तैनात एनएचएम कर्मियों ने कोविड काल और विभिन्न राष्ट्रीय टीकाकरण अभियानों में अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाएं देने का हवाला देते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
यूनियन के जिलाध्यक्ष विकास श्रीवास्तव, संरक्षक संजय राय और सीएमओ कार्यालय कार्यकारिणी अध्यक्ष लाला सिंह ने संयुक्त रूप से सरकार को याद दिलाया कि 10 दिन का अल्टीमेटम देने के बाद अब कर्मचारी अपनी मांगों को मनवाने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें-सभी संविदा कर्मियों का स्वास्थ्य विभाग में नियमितीकरण, श्समान कार्य-समान वेतनश् का लाभ, 10 लाख रुपये की कैशलेस चिकित्सा सुविधा, महंगाई भत्ता (क्।), ईपीएफ और एचआरए (भ्त्।) का प्रावधान, अनुकंपा नियुक्ति और नियमित भर्तियों में 25ः कोटा निर्धारित करना शामिल हैं।प्रदेश नेतृत्व की तय रूपरेखा के तहत 5, 6 और 7 अक्टूबर को लगातार काला फीता बांधकर विरोध जताने के बाद, अब कर्मचारी 8 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक जनपद मुख्यालय पर शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार और धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इस दौरान भी सरकार ने उनकी सुध नहीं ली, तो आगामी 12 अक्टूबर से लखनऊ के इको गार्डन में प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल का आगाज कर दिया जाएगा।इस आंदोलन और विरोध गतिविधियों के दौरान डॉ. राकेश गुप्ता, डॉ. पूनम, डॉ. अक्षत अग्रवाल, डीपीएम अनिल यादव, डैम सतपाल सिंह, कुलदीप चैहान, विजय वर्मा, सचिन गुप्ता, अमित खरे, पद्माकर त्रिपाठी, शिप्रा वर्मा, अतुल वर्मा, नरेश, इंदू राज, अनुज प्रताप सिंह, देवेंद्र, रवि श्रीवास्तव, आलोक, देवनंदन श्रीवास्तव और संतोष आनंद सहित बड़ी संख्या में एनएचएम पदाधिकारी और स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
