सोनभद्र। भाजपा जिला कार्यालय सोनभद्र में सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में नगर पालिका परिषद अध्यक्ष रूबी प्रसाद ने संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर बिना ठोस तथ्यों और प्रमाणों के प्रश्नचिह्न लगाना उचित नहीं है। किसी भी संस्था की कार्यप्रणाली पर चर्चा तथ्यों, प्रमाणों और आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर ही होनी चाहिए।
रूबी प्रसाद ने कहा कि चुनावों में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल निर्वाचन आयोग सहित विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने लगते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार के बयानों के माध्यम से जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) एवं मतदाता सूची से जुड़े मामलों पर निर्वाचन आयोग द्वारा जारी स्पष्टीकरण और आधिकारिक अभिलेखों के आधार पर ही चर्चा की जानी चाहिए। आयोग ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर से संबंधित आदेशों को सभी निर्वाचन आयुक्तों की स्वीकृति प्राप्त थी तथा फॉर्म-6 के साथ लगाए गए घोषणा-पत्र को लेकर भी आयोग ने अपना पक्ष रखा है।
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को यह एहसास हो गया है कि जनता का विश्वास दोबारा हासिल करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी कारण संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सभी राजनीतिक दलों को संस्थाओं की गरिमा और संवैधानिक प्रक्रियाओं का सम्मान करना चाहिए।
भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल गुप्ता ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन आयोग और न्यायालय के समक्ष विभिन्न पक्षों की सुनवाई हो चुकी है। उन्होंने कहा कि बिहार में एसआईआर से संबंधित विषयों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी विचार किया गया था। उन्होंने विपक्ष से तथ्यों और आधिकारिक अभिलेखों के आधार पर अपनी बात रखने की अपील की।
प्रेसवार्ता में जिला महामंत्री संतोष शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष बृजेश श्रीवास्तव, जिला सह मीडिया प्रभारी अमन मौर्य सहित भाजपा के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
