लखनऊ।अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर, एसकेडी अकादमी, वृंदावन कॉलोनी, में सांस्कृतिक गौरव संस्थान की ओर से संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांस्कृतिक गौरव संस्थान अवध प्रांत के अध्यक्ष डॉ. सूर्यकान्त ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में खंड शिक्षा अधिकारी-3परमेंद्र शुक्ला और संस्था के सचिव कृष्ण कुमार शुक्ला उपस्थित रह स मुख्य अतिथि स्वांत रंजन जी ने श्रद्धेय अशोक सिंघल जी के जीवन एवं कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदू समाज के जागरण और विभिन्न आंदोलनों में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने साधु-संतों को एकजुट करने तथा समाज को संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के लिए उनके प्रयासों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। बच्चों को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए स
डॉ. सूर्यकान्त ने सनातन संस्कारों में स्वास्थ्य और स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जन्म के लगभग छह माह बाद होने वाला अन्नप्राशन संस्कार केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि शिशु के जीवन में एक नई शुरुआत का संस्कार है।उन्होंने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में स्वच्छता को सदैव विशेष महत्व दिया गया है। हाथों की स्वच्छता (भ्ंदक भ्लहपमदम) भी हमारी जीवन-पद्धति का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है, जो आज के समय में भी मानव स्वास्थ्य और संक्रमण से बचाव के लिए अत्यंत उपयोगी है। डॉ.सूर्यकान्त ने बच्चों के जन्मदिन को भी सनातन संस्कारों और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जन्मदिन की सुबह बच्चों के माथे पर तिलक अवश्य लगाना चाहिए, क्योंकि सनातन परंपरा में इसका विशेष महत्व है।उन्होंने कहा कि जन्मदिन के अवसर पर गुड़ से बने गुलगुले और पूये बनाकर स्वयं भी खाएं और दूसरों को भी खिलाएं। बच्चों के जन्मदिन पर मोमबत्ती जलाकर बुझाने की परंपरा के स्थान पर भारतीय संस्कारों को अपनाने का आह्वान किया।
डॉ सूर्यकान्त ने कहा कि जन्मदिन केवल उत्सव का अवसर न होकर ऐसा अवसर बने, जिसमें संस्कार हों, सेवा हो, पर्यावरण संरक्षण हो और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव हो।कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सनातन संस्कृति, संस्कार, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण एवं सेवा के इन संदेशों को समाज तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में हरि शरण मिश्रा सहित अनेक गणमान्यजन एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के आयोजन में संतोष सिंह तिलन, जिला अध्यक्ष लखनऊ की प्रमुख भूमिका रही।
