शंभूगंज में दो जानें जाने के बाद भी नहीं बदली तस्वीर, अवसानपुर में ग्रामीणों ने सड़े बांस के सहारे ऊंचा किया नीचे झूलता तार
लम्भुआ/सुलतानपुर। विद्युत विभाग की लापरवाही अब ग्रामीणों की जिंदगी पर भारी पड़ती नजर आ रही है। आए दिन जर्जर और नीचे झूलते बिजली के तार दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं, लेकिन विभाग हादसा होने के बाद ही हरकत में आता दिखाई देता है। हाल ही में शंभूगंज में जर्जर विद्युत तार गिरने से दो गरीब सब्जी विक्रेताओं की मौत के बाद विभाग और प्रशासन ने जर्जर तारों को बदलने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने का भरोसा दिया था। बावजूद इसके ग्रामीण इलाकों में हालात जस के तस नजर आ रहे हैं।लम्भुआ क्षेत्र के अवसानपुर नहर के उत्तर ग्रामीणों की शिकायत पर की गई पड़ताल में विद्युत व्यवस्था की चिंताजनक तस्वीर सामने आई। खेतों के बीच से दो विद्युत तार गुजर रहे हैं, जिनसे रोहित यादव, अमरनाथ यादव समेत करीब आठ घरों में बिजली पहुंचती है। ग्रामीणों के मुताबिक तार कई स्थानों पर इतने नीचे झूल रहे हैं कि खेत की जुताई के दौरान ट्रैक्टर के संपर्क में आने से बड़ा हादसा हो सकता है।स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ग्रामीणों ने खुद खेत के बीच सड़ा-गला बांस लगाकर तार को ऊपर उठाने का अस्थायी इंतजाम कर रखा है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों और किसानों को तार की चपेट में आने से बचाने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया है। दोनों खंभों के बीच करीब 150 मीटर की दूरी बताई जा रही है।ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार विभागीय कर्मचारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों के अनुसार लाइन बिछाते समय भी उन्होंने कर्मचारियों से विद्युत खंभे और तार सड़क के किनारे लगाने का अनुरोध किया था, लेकिन अतिरिक्त तार लगने की बात कहकर खेतों के बीच से लाइन डाल दी गई।पड़ताल में गांव के अन्य हिस्सों में भी कुछ मकानों के ऊपर से बेहद कम ऊंचाई पर विद्युत तार गुजरते मिले। ग्रामीणों के अनुसार कई स्थानों पर तार जमीन से करीब 10 फीट की ऊंचाई पर हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या विद्युत विभाग किसी और हादसे का इंतजार कर रहा है शंभूगंज की दर्दनाक घटना के बाद यदि जर्जर तारों का व्यापक सर्वे और तत्काल मरम्मत नहीं की गई तो विभाग के उन आश्वासनों पर सवाल उठना लाजिमी है, जिनमें सुरक्षित विद्युत व्यवस्था का भरोसा दिया गया था।ग्रामीणों की मांग है कि खेतों और मकानों के ऊपर से गुजर रहे सभी खतरनाक तारों का तत्काल सर्वे कराया जाए, जर्जर तार बदले जाएं और विद्युत लाइनों को सुरक्षित ऊंचाई पर व्यवस्थित किया जाए।
