जगदीशपुर/अमेठी। क्षेत्र में कबाड़ खरीदने की आड़ में चोरी का सामान खपाए जाने के आरोपों ने जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जगदीशपुर-जाफरगंज मार्ग समेत अन्य सड़कों के किनारे खुले कबाड़खानों में कबाड़ के नाम पर संदिग्ध सामान खरीदा जाता है। इसके बाद उसे काट-पीटकर अथवा अन्य तरीके से रातोंरात बाहर भेज दिया जाता है। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है।बताया जाता है कि थाना जगदीशपुर क्षेत्र में कई स्थानों पर कबाड़ खरीदने का कारोबार संचालित हो रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ कबाड़ी ग्रामीण क्षेत्रों में घूम-घूमकर कबाड़ खरीदते हैं और उसे दुकानों पर बेचते हैं। आरोप है कि इसी कारोबार की आड़ में चोरी का सामान भी औने-पौने दामों में खरीदे जाने की आशंका बनी रहती है। सामान को काटकर या उसका स्वरूप बदलकर आगे सप्लाई किए जाने की भी चर्चा है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि कबाड़ खरीदने वाले कारोबारियों द्वारा खरीदे जा रहे सामान का सत्यापन किया जाए तो कई संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा हो सकता है। उनका आरोप है कि इस तरह के कारोबार पर प्रभावी निगरानी नहीं होने से चोरी की घटनाओं को बढ़ावा मिल सकता है।वहीं, क्षेत्र में शराब, भांग और स्मैक जैसे नशीले पदार्थों के सेवन तथा नशे के कारोबार को लेकर भी लोगों में चिंता है। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन से कबाड़खानों की जांच, कारोबारियों के दस्तावेजों के सत्यापन तथा नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।समाचार लिखे जाने तक संबंधित विभाग की ओर से आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
जगदीशपुर-जाफरगंज मार्ग पर जगह-जगह खुले कबाड़खाने, जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
