लखनऊ। राजधानी के लाल कुआं वार्ड (कटरा मकबूलगंज) में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सामुदायिक केंद्र के पीछे हाल ही में बनी ठीक-ठाक सड़क को अचानक दोबारा खोदकर नया निर्माण शुरू करा दिया गया। जैसे ही इस अनावश्यक तोड़-फोड़ और जनता के पैसे की बर्बादी की भनक क्षेत्रीय पार्षद सुशील कुमार तिवारी ‘पम्मी’ को लगी, वे बिना देर किए खुद मौके पर जा पहुंचे और चल रहे काम को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया।
मौके पर जब निर्माण कार्य की अनुमतियों की पड़ताल की गई, तो ठेकेदार का अजीबोगरीब तर्क सामने आया। ठेकेदार का दावा है कि पूर्व जूनियर इंजीनियर (श्रम्) प्रतिमा यादव इस काम को फाइल करके गई थीं। वहीं, वर्तमान श्रम् आर.के. मिश्रा फिलहाल छुट्टी पर बताए जा रहे हैं। अब सबसे बड़ा प्रशासनिक सवाल यह उठता है कि जब वर्तमान श्रम् छुट्टी पर हैं और उन्हें मामले का संज्ञान तक नहीं है, तो ठेकेदार ने किसके इशारे पर रातों-रात खुदाई शुरू कर दी? क्या बिना मौजूदा जिम्मेदार अधिकारी के आदेश और मौके पर बिना किसी तकनीकी निगरानी के काम शुरू करने का यह खेल केवल ष्बजट ठिकाने लगानेष् के लिए रचा जा रहा था?
मौके पर पहुंचे पार्षद सुशील कुमार तिवारी ‘पम्मी’ ने ठेकेदार को आड़े हाथों लेते हुए जमकर फटकार लगाई। उन्होंने दोटूक शब्दों में साफ कर दिया कि पूरी भली-चंगी सड़क को तोड़कर नया बनाने की कोई जरूरत नहीं हैकृनिर्माण कार्य केवल उतने ही हिस्से में होगा जितना वास्तव में क्षतिग्रस्त है। इसके साथ ही उन्होंने श्रम् आर.के. मिश्रा को भी कड़ा संदेश देते हुए कहा कि निर्माण की गुणवत्ता और जनता के पैसे का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना संबंधित अभियंताओं की सीधी जिम्मेदारी है।
अच्छी-भली बनी सड़क को दोबारा खोदने की यह हड़बड़ी साफ इशारा करती है कि कहीं न कहीं कागजों पर बजट खपाने का पुराना ढर्रा फिर हावी होने की कोशिश में था। हालांकि, स्थानीय पार्षद की सजगता और त्वरित कार्रवाई ने फिलहाल सरकारी खजाने में सेंध लगाने की इस कोशिश पर ब्रेक लगा दिया है। अब देखना यह होगा कि नगर निगम के उच्च अधिकारी इस पूरे लापरवाही के खेल पर ठेकेदार और गैर-जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ क्या सख्त रुख अपनाते हैं।
