लखनऊ। राजधानी के सबसे व्यस्ततम व्यावसायिक केंद्र अमीनाबाद स्थित झंडेवाला पार्क पार्किंग में नगर निगम की सरपरस्ती तले अवैध वसूली का गंदा खेल धड़ल्ले से चल रहा है। जनता की सहूलियत के नाम पर निजी ठेकेदारों को बांटी गई पार्किंग अब आम जनता की जेब पर डाका डालने का अड्डा बन चुकी है। नगर निगम प्रशासन की खामोशी और मिलीभगत का आलम यह है कि ठेकेदार के कारिंदे दिन-पहरे गुंडागर्दी और लूट-खसोट पर आमादा हैं।
झंडेवाला पार्क की पार्किंग में दो घंटे के लिए तय सरकारी पार्किंग शुल्क महज 30 रुपये है। लेकिन मौके पर स्थिति इसके ठीक उलट हैकृवाहन चालकों से सीधे 100 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। विरोध करने पर पार्किंग ठेकेदार के गुर्गे बदतमीजी पर उतर आते हैं।
पार्किंग परिसर से सरकारी रेट लिस्ट का बोर्ड गायब कर दिया गया है ताकि जनता को सही रेट का पता ही न चले। बिना किसी सूचना बोर्ड के, मनमाने रेट वसूलना इस बात का सीधा सबूत है कि नियम-कायदों की धज्जियां उड़ाकर अवैध कमाई का बड़ा गठजोड़ चलाया जा रहा है।
इस पूरी मनमानी और खुली लूट का संचालन शिवन्या एंटरप्राइजेज (ळैज्रू 09ब्।ैच्ै5400।र्1च्) नामक एजेंसी कर रही है। दिनांक 15ध्09ध्2026 की एक पर्ची (डध्ब् छव्रू 02, टम्भ्.ज्ल्च्म्रू ब्।त्, ट.छव्रू 2428) भी सामने आई है, जिससे साफ जाहिर होता है कि नगर निगम के 2026-27 के टेंडर के नाम पर जनता को चूना लगाया जा रहा है।
नगर निगम प्रशासन की भूमिका भी संदिग्ध एवं सवालों के घेरे मे है।आखिर किसकी शह पर पार्किंग परिसर से आधिकारिक रेट लिस्ट का बोर्ड गायब हुआ? लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद नगर आयुक्तध् अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव और संबंधित अधिकारी आंखें मूंदकर क्यों बैठे हैं? क्या नगर निगम प्रशासन इस प्राइवेट एजेंसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराकर इसका ठेका निरस्त करेगा, या फिर यह पूरी वसूली किसी ऊपरी शह का नतीजा है?
अमीनाबाद आने वाले हर आम नागरिक की जेब से ऐंठे जा रहे ये 70 रुपये जायदा सीधे-सीधे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हैं। अब देखना यह है कि कुंभकर्णी नींद में सो रहा नगर निगम प्रशासन शिवन्या एंटरप्राइजेज पर सख्त एक्शन लेता है या फिर जनता इसी तरह लूटती रहेगी।
