दरअसल, सीपीआई की राष्ट्रीय महासचिव अमरजीत कौर ने दिल्ली में एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली धमकी दी और विवादित बयान दिया। उन्होंने अपने संबोधन में कम्युनिस्टों के बारे में PM मोदी की पहले की एक कथित टिप्पणी का ज़िक्र किया और कहा कि BJP नेता ने कम्युनिस्टों और उनके लाल झंडों को खतरनाक बताया था। इसके बाद उन्होंने पीएम मोदी को लेकर विवादित बयान दिया। वहीं अब उनके बयान को लेकर बीजेपी आक्रामक मुद्रा में आ गई है।
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने अमरजीत कौर के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने अमरजीत कौर पर नक्सल सोच रखने का आरोप लगाया। भंडारी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया की नेशनल सेक्रेटरी अमरजीत कौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर जो बयान दिया उससे पता चलता है कि भारत के लोग CPM से नफ़रत करते हैं। यह दिमागी नक्सली सोच है। बीजेपी ने इस बयान को लेकर अमरजीत कौर से माफी मांगने की मांग की है।
वहीं अमरजीत कौर ने अपने बयान पर माफी मांगने से इनकार कर दिया है। अब दोनों तरफ के नेता एक दूसरे पर सियासी हमले कर रहे हैं। अमरजीत कौर का कहना है कि मैंने जो कुछ भी कहा उसपर कायम हूं। मैं माफी नहीं मांगूंगी। अगर प्रधानमंत्री यह कह सकते हैं कि कम्यूनिस्ट को खत्म कर दो तो मैं क्यों नहीं कह सकती?
बता दें कि 74 साल की अमरजीत कौर एमएससी और एलएलबी की शिक्षा ली है। वह छात्र जीवन से भी सीपीआई से जुड़ी रही हैं। 1979 से सात वर्ष तक अखिल भारतीय छात्र संघ (AISF) की दूसरी महिला महासचिव रहीं। 1999 से 2002 तक राष्ट्रीय भारतीय महिला संघ की महासचिव रहीं। 1994 से 20187 तक आआईटीयूसी की राष्ट्रीय सचिव रहीं। 1972 में मूल्य वृद्धि के विरोध में सीपीआई के विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए 10 दिनों के लिए जेल में भी रहीं।
बता दें कि पीएम मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से संबोधन में कहा था कि नक्सलवाद और माओवाद ने लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया है। उन्होंने अनगिनत माताओं के युवा बेटों को छीन लिया और देश भर के परिवारों के सपनों को चकनाचूर कर दिया। आज हथियारों वाले नक्सल से बड़ी चुनौती दिमागी नक्सली से है। दिमागी नक्सल ज्यादा खतरनाक हैं, इनसे देश को बचाना होगा।
