मां ने अपने हाथों से मार डालीं जुड़वा बच्चियां, फिर खुद भी की जान देने की कोशिश
September 02, 2026
कर्नाटक के बेंगलुरु में 40 साल की एक महिला के खिलाफ अपनी चार महीने की जुड़वा बेटियों की कथित रूप से हत्या करने और फिर आत्महत्या के प्रयास करने के आरोप में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि यह घटना बीते मंगलवार को वजारहल्ली में उनके घर पर ही हुई। आरोपी महिला उमा देवी अपने पति रामलिंगप्पा, जुड़वां बेटियों और सास के साथ रहती थी। पुलिस के मुताबिक, उनके पति रियल एस्टेट का काम करते थे।
पुलिस के मुताबिक, अपनी शिकायत में आरोपी महिला के पति रामलिंगप्पा ने कहा कि उन्होंने 2002 में उमा देवी से शादी की थी। वे दोनों खुशहाल वैवाहिक जीवन बिता रहे थे। चूंकि उनकी कोई संतान नहीं थी, इसलिए उन्होंने IVF ट्रीटमेंट लिया था। फिर, इलाज के बाद उमा देवी प्रेग्नेंट हुईं और 5 मई, 2026 को उन्होंने जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, डिलीवरी के करीब 1.5 महीने बाद, उमा देवी बच्चों में दिलचस्पी कम हो गई। वह बार-बार कहती थीं कि बच्चों को किसी आश्रम में एडमिट करा देना चाहिए। एक सीनियर पुलिस अफसर ने बताया कि उनका व्यवहार भी असामान्य होने लगा था।
इसके बाद, उमा देवी की मेंटल हेल्थ का ट्रीटमेंट भी हॉस्पिटल में कराया गया। फिर, डॉक्टरों ने फैमिली को जानकारी दी कि उनका बिहेवियर बच्चे के जन्म के बाद होने वाले पोस्टपार्टम डिप्रेशन और हार्मोनल बैलेंस के कारण से था। फिर 1 सितंबर को दोपहर में जब रामलिंगप्पा घर लौटे, तो उन्होंने देखा कि उमा देवी ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था।
पुलिस अफसर ने बताया कि कमरे का दरवाजा खोलने के बाद रामलिंगप्पा ने उमा देवी को दुपट्टे से फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास करते हुए पाया। हालांकि, मुस्तैदी दिखाते हुए उन्होंने पत्नी उमा देवी को बचा लिया। वहीं, जुड़वां बच्चियां उसी कमरे में मृत पाई गईं।
पुलिस ने बताया कि अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्चों की जांच की और फिर आशंका जताई कि उनकी मौत डूबने से हुई है। शिकायतकर्ता के आरोप के मुताबिक, उमा देवी ने बच्चों की हत्या की है, जिससे उनकी जान चली गई और इसके बाद उसने खुद भी जान देने का प्रयास किया। बेंगलुरु पुलिस ने बताया कि उसकी शिकायत के बेस पर तालाघट्टापुरा थाने में उसकी पत्नी के विरुद्ध BNS की धारा 103 (हत्या) के तहत केस दर्ज किया गया है और आगे की जांच चल रही है। हाल में मैसूर से भी एक मामला सामने आया था जब साप्ताहिक अवकाश न मिलने और मैनेजर की प्रताड़ना से परेशान महिला ने आत्महत्या कर ली थी।
