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बीसलपुरः वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से गूंजेगा बीसलपुर


बीसलपुर। विद्यालयों में होगा सामूहिक गायन, प्रेस वार्ता में हुआ ‘वंदे मातरम्’ पत्रिका का विमोचन विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली के आह्वान पर वंदे मातरम् के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में 25 सितम्बर को प्रातः 11 बजे विद्यालयों में सामूहिक वंदे मातरम् गायन किया जाएगा। कार्यक्रम की रूपरेखा एवं इसके महत्व की जानकारी जनसामान्य तक पहुंचाने के उद्देश्य से 24 सितम्बर को सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, बीसलपुर में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. रविशरण सिंह चैहान ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना की अभिव्यक्ति है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस गीत ने देशवासियों में राष्ट्रप्रेम और स्वतंत्रता के लिए समर्पण की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि आज भी वंदे मातरम् राष्ट्रप्रेम, एकता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता का संदेश देता है।उन्होंने वंदे मातरम् के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसकी रचना में भारत माता को शस्य-श्यामला,सुजलाम्-सुफलाम् तथा विभिन्न दिव्य स्वरूपों में चित्रित किया गया है। यह मातृभूमि के प्रति आत्मीयता, श्रद्धा और गौरव की भावना को अभिव्यक्त करता है।प्रेस वार्ता के दौरान वंदे मातरम् के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में विशेष रूप से तैयार की गई ‘वंदे मातरम्’ पत्रिका का विमोचन भी किया गया। पत्रिका में वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व, स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका तथा राष्ट्रभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है।इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक विष्णु कुमार गोयल, बालाजी गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या  अर्चना चैहान तथा सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य  हरीश चंद्र शर्मा ने भी वंदे मातरम् के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराना आवश्यक है।उन्होंने कहा कि 150 वर्ष की यात्रा पूरी कर चुका वंदे मातरम् आज भी प्रासंगिक है। राष्ट्र के प्रति कर्तव्य, सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और मातृभूमि के प्रति सम्मान जैसे भावों को मजबूत करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।बताया गया कि 25 सितम्बर को प्रातः 11 बजे विद्यार्थी, आचार्य एवं अन्य सहभागी एक साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित न रहकर वंदे मातरम् के भाव और संदेश को जन-जन तक पहुंचाना तथा नई पीढ़ी को राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों के प्रति जागरूक करना है।प्रेस वार्ता में विद्यालय परिवार के आचार्यगण उपस्थित रहे।

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