लखनऊ/प्रतापगढ। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लखनऊ में कांग्रेस का प्रदर्शन उग्र हो गया। प्रभारी उत्तर प्रदेश कांग्रेस एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुसूचित जाति विभाग एआईसीसी राजेंद्र पाल गौतम जी के नेतृत्व में, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय एवं नेता विधानमंडल दल आराधना मिश्रा श्मोनाश् की उपस्थिति में हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे।
भारी बारिश के बीच पुलिस कार्यकर्ताओं के साथ बर्बरता कर रही है। वीडियो में उत्तर प्रदेश यूथ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं जिला कांग्रेस कमेटी प्रतापगढ़ के अध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी को पुलिस द्वारा जमीन पर गिराकर, हाथ-पैर पकड़कर घसीटते हुए बस में भरा जा रहा है। कार्यकर्ता ष्वोट चोरष् के नारे लगा रहे हैं।
पुलिस सैकड़ो नेताओं को लखनऊ रिजर्व पुलिस लाइन ले गई और डिटेन कर दिया। इस दौरान हजारों कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी।
डिटेन होने के बाद कांग्रेस विधान मंडल दल की नेता एवं रामपुर खास की लोकप्रिय विधायक आराधना मिश्रा मोना ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि जब सब कुछ साफ हो गया है तो कार्यवाही में देरी क्यों ?
ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दे 2023 के बाद जो भी चुनाव हुए हैं सब रद्द किया जाए मुकदमा चलाकर जेल भेज जाए।
डॉ. नीरज त्रिपाठी ने कहा - याचना नहीं, अब रण होगा। संघर्ष बहुत भीषण होगा। जिन्हें लगता है हिरासत में लेकर, घसीटकर आवाज दबा देंगे, वो गलतफहमी में हैं। यह आत्मविश्वास सत्ता के दमन पर सच की जीत का शंखनाद है। चुनाव में हेराफेरी करने वाले हर चेहरे को बेनकाब करने तक यह जंग जारी रहेगी।
