अमेठी। नवागत जिलाधिकारी शशांक चैधरी ने बुधवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय गौरीगंज का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखी। डीएम ने अस्पताल की विभिन्न इकाइयों का निरीक्षण करने के साथ मरीजों से सीधे संवाद कर इलाज, दवाओं और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को मरीजों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण की शुरुआत ओपीडी से हुई। जिलाधिकारी ने मरीजों से पूछा कि उन्हें डॉक्टर दिखाने, दवाएं लेने और उपचार में किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही है। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पहुंचकर दवाओं की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था देखी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि मरीजों को आवश्यक दवाएं आसानी से उपलब्ध कराई जाएं। डीएम ने ब्लड सैंपल कलेक्शन कक्ष, डायलिसिस यूनिट, फिजियोथेरेपी कक्ष, रक्तदान केंद्र सहित अन्य चिकित्सा इकाइयों का भी जायजा लिया। रक्तदान केंद्र में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि वर्तमान में ’’26 यूनिट रक्त उपलब्ध है। वार्डों में पहुंचकर डीएम ने भर्ती मरीजों से बातचीत की और भोजन, दवा तथा उपचार की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। मरीजों ने सुविधाएं समय से मिलने की बात बताई। वार्डों में लगे सीसीटीवी कैमरे भी क्रियाशील पाए गए। इसके बाद जिलाधिकारी ने एसएनसीयू का निरीक्षण कर नवजात शिशुओं के उपचार एवं देखभाल की व्यवस्था देखी। उन्होंने चिकित्सकों को नवजातों के इलाज में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एक मरीज ने बुजुर्गों एवं गंभीर मरीजों की परेशानी बताते हुए वेस्टर्न टॉयलेट की मांग रखी। डीएम ने तत्काल मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीपी अग्रवाल को आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने और प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था और बेहतर करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ’’हर मरीज को समय पर इलाज, दवा और सम्मानजनक सुविधाएं मिलना प्रशासन की प्राथमिकता है।
जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण, वार्ड से लेकर डायलिसिस और एसएनसीयू तक परखी व्यवस्थाय गंदगी पर सुधार के निर्देश, बुजुर्ग मरीजों के लिए वेस्टर्न टॉयलेट की व्यवस्था के दिए आदेश
