भांवरकोल/गाजीपुर। क्षेत्र के सुखडेहरी कलां गांव में चार सितंबर की भोर मच्छरों से बचाव के लिए किया गया धुआं परिवार के लिए आफत बन गया। धुआं करने के बाद खपरैल में अचानक आग लग गई। आग में खपरैल, भूसा, उपला समेत गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया था। वहीं आग की चपेट में आने से एक गाय की भी मौत हो गई थी। आग बुझाने के प्रयास में राजनारायण गुप्त के पुत्र करीब 52 वर्षीय रामपुकार राम गंभीर रूप से झुलस गए थे।
रामपुकार का गाजीपुर स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल और वाराणसी में उपचार कराया गया। बाद में स्वजन उन्हें रायपुर ले गए। स्वजन के अनुसार 12 सितंबर को रायपुर स्थित चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान 16 सितंबर की अपराह्न उनकी मौत हो गई।
रामपुकार राम चार भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके दो पुत्र और एक पुत्री हैं। उनके तीनों भाई अपने परिवार के साथ रायपुर में रहते हैं। मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
