तिलोई/अमेठी। तिलोई क्षेत्र में लगातार अघोषित बिजली कटौती को बंदकर निर्धारित रोस्टर के तहत बिजली आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने व मूंगताल ड्रेन की बाढ़ से प्रभावित किसानों को अति शीघ्र मुआवजा दिलाने के संबंध में मंगलवार को कांग्रेस पार्टी ने जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल व कांग्रेस नेत्री सुनीता सिंह के नेतृत्व में तहसील तिलोई मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया और उपजिलाधिकारी तिलोई अरूणिमा श्रीवास्तव को राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। प्रदीप सिंघल ने कहा कि क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से हर वर्ग परेशान हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के हालात तो बेहद बदतर हैं।तिलोई क्षेत्र के ग्रामीणों को महज सात से आठ घंटे बामुश्किल बिजली मिल पा रही है और उसमें भी अघोषित कटौती कर दी जाती है।सरकार का ग्रामीण क्षेत्रों को अट्ठारह घंटे निर्बाध बिजली देने का वादा महज हवा हवाई व कागजी बनकर रह गया है।अघोषित बिजली कटौती से किसान से लेकर युवा, छात्र,और व्यापारी तबका बहुत ही परेशान हैं।रात हो या दिन तिलोई क्षेत्र में बिजली आंख मिचैली का खेल रही है।कब आई और गई पता ही नहीं चलता।क्षेत्र में बिजली बार बार गुल हो रही है।बिजली व्यवस्था को लेकर इस उमस भरी गर्मी में लोगों का जीना दुश्वार हो गया है।कांग्रेस नेत्री सुनीता सिंह ने कहा कि क्षेत्र में चरमराई बिजली व्यवस्था से सबसे ज्यादा असर बच्चों की पढ़ाई पर हो रहा है।किसानों की सिंचाई रूक रही है और व्यापारियो के व्यवसाय पर भी इसका असर पड़ रहा है।सुनीता सिंह ने कहा कि सरकार विकास को लेकर बड़े बड़े दावे कर रही है लेकिन आज जनसामान्य को उनकी मूल बुनियादी सुविधाएं बिजली,खाद ,पानी और गैस तक नहीं मिल पा रही है।कांग्रेसियों ने आगाह किया कि यदि शीघ्र क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती बंद नहीं हुई तो एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा।कांग्रेसियों ने प्रदर्शन के दौरान बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।तथा महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर बिजली व्यवस्था में अतिशीघ्र सुधार व बाढ़ से प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजे की मांग की।इस अवसर पर तिलोई ब्लाक अध्यक्ष काशी प्रसाद पासी, चंद्र मोहन तिवारी, मोहम्मद रऊफ,परमानन्द मिश्रा,रजवाड़ी पासी,श्रीपाल, त्रिभुवन पासी, कमलेश अग्निहोत्री, प्रदीप तिवारी, राकेश मिश्रा, दुर्गेश दीक्षित, धिरज सिंह , जायस नगरपालिका अध्यक्ष मनीषा, राजेश पाण्डेय, देवेंद्र शुक्ला समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व पदाधिकारी तथा लोग सामिल रहे।
विगत मई से लेकर जुलाई तक तिलोई क्षेत्र की मूंगताल,कादूनाला,तिलोई ,भदमर,गड़ेहरी, खानापुर चपरा, नसरतपुर, चिलूली, भवानीनगर आदि जितनी भी ड्रेनों की खुदाई हुई है उनमें खुदाई के नाम पर जमकर सरकारी धन का बंदरबांट हुआ है।यह प्रक्रिया हर एक वर्ष क्षेत्र की ड्रेनों व रजबहों की खुदाई के नाम पर होती है।लेकिन तिलोई क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को उक्त समस्याएं सिर्फ बरसात होने पर ही दिखाई देती हैं उससे पहले यह सब कहां से कितना कमीशन मिलेगा इसके चक्कर में लगे रहते हैं।सबसे बड़ी बात यह है कि यदि बरसात से पहले क्षेत्र की ड्रेनों की खुदाई व साफ सफाई मानक के तहत बिना सरकारी धन के दुर्पयोग के, बरसात से पहले हो जाए तो यह नेपाल जैसा क्षेत्र नहीं है कि यहां बाढ़ की नौबत आ जाए।
