बल्दीराय/सुल्तानपुर। गणपति महोत्सव के तहत बल्दीराय थाना क्षेत्र में स्थापित आठ गणपति प्रतिमाओं का सोमवार देर रात विधि-विधान और श्रद्धा के साथ विसर्जन कर दिया गया। इस दौरान ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से विसर्जन मार्ग और घाट का माहौल भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने नम आंखों से प्रथम पूज्य भगवान गणेश की प्रतिमाओं को विदाई दी और अगले वर्ष फिर आने की कामना की।
बल्दीराय थाना क्षेत्र में इस वर्ष गणपति के कुल 11 पंडाल स्थापित किए गए थे। इनमें से आठ प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए सोमवार को अलग-अलग स्थानों से श्रद्धालुओं की टोलियां जुलूस के रूप में निकलीं। देर शाम शुरू हुआ विसर्जन कार्यक्रम सोमवार देर रात तक चलता रहा। श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर गणपति बप्पा के जयकारे लगाते हुए विसर्जन स्थल तक पहुंचे।
आठों गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन इसौली नदी के उस पार अमेठी जिले के घाट पर में निर्धारित विसर्जन स्थल पर कराया गया। यहां पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विधिवत विसर्जन किया। विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और पूरे वातावरण में धार्मिक उत्साह देखने को मिला।
विसर्जन को लेकर पुलिस-प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई। थाना प्रभारी महेंद्र प्रताप सिंह और पारा चैकी प्रभारी संजय सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे और विसर्जन कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था पर नजर बनाए रखी।
इससे पहले पुलिस ने विसर्जन जुलूस के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने और डीजे की आवाज निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने के निर्देश दिए थे। प्रशासन के निर्देशों के बीच श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण ढंग से विसर्जन कार्यक्रम संपन्न किया। किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति की सूचना नहीं मिली। विसर्जन के बाद श्रद्धालु अपने-अपने पंडालों और घरों को लौट गए।
