बीसलपुर। विकासखंड बीसलपुर की ग्राम पंचायत महादेवा में ग्राम सचिवालय के नियमित संचालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सहायक के नियमित रूप से सचिवालय में उपलब्ध नहीं रहने के कारण गांव में ही मिलने वाली सुविधाओं के लिए उन्हें तहसील तक दौड़ लगानी पड़ रही है।ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर पंचायत संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार की ओर से ग्राम सचिवालयों के निर्माण और सुविधाओं पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं। इसके बावजूद सचिवालय का नियमित संचालन नहीं होने से इनका उद्देश्य प्रभावित होता नजर आ रहा है। ग्रामीणों को पंचायत संबंधी कार्यों के लिए अतिरिक्त समय और धन खर्च कर तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
ग्रामीणों ने सचिवालय में पंचायत सहायक की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की है। आरोप है कि संबंधित सचिव के संज्ञान में मामला होने के बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि सचिवालय के निर्धारित समय पर खुलने और पंचायत सहायक की उपलब्धता से गांव के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही जरूरी सुविधाएं मिल सकती हैं।
ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों के भुगतान को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि कुछ भुगतान ऐसे बैंक खातों में किए गए, जिनके खाताधारकों के संबंधित कार्यों में मिस्त्री या श्रमिक के तौर पर काम करने की स्थिति स्पष्ट नहीं है। ग्रामीणों ने संबंधित कार्यों के मस्टर रोल, भुगतान अभिलेख और बैंक खातों का नियमानुसार सत्यापन कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के बाद ही भुगतान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ग्राम सचिवालय के नियमित संचालन, पंचायत सहायक की उपस्थिति और विकास कार्यों से जुड़े भुगतान खातों की जांच कराने की मांग की गई है।
