बीसलपुर। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बीसलपुर में शुक्रवार को संभावित अग्निकांड जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल कराई गई। इसका उद्देश्य आपदा के समय प्रशासन और विभिन्न विभागों की तैयारियों तथा आपसी समन्वय को परखना रहा।
मॉक ड्रिल में एसडीएम बीसलपुर, तहसीलदार, खंड शिक्षा अधिकारी, अग्निशमन विभाग, नगर पालिका, सीएमओ और स्वास्थ्य विभाग की टीम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। निर्धारित परिदृश्य के तहत कॉलेज में आग लगने की सूचना मिलते ही संबंधित विभागों को सक्रिय किया गया और बचाव व राहत कार्यों का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।
अग्निशमन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने तथा संभावित रूप से प्रभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घायलों को प्राथमिक उपचार देने और जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था का अभ्यास कराया। मॉक ड्रिल के दौरान प्रशासन, अग्निशमन, स्वास्थ्य, नगर पालिका और शिक्षा विभाग के बीच समन्वय तथा आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था को भी परखा गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों और कॉलेज स्टाफ को अग्निकांड जैसी स्थिति में घबराने के बजाय संयम बनाए रखने, सुरक्षित रास्ते से बाहर निकलने और जरूरी सावधानियां बरतने की जानकारी दी गई।कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. हेमलता की अध्यक्षता में हुआ। महाविद्यालय के सभी शिक्षक, कर्मचारी और स्टाफ मौजूद रहे। नगर क्षेत्र के विभिन्न स्कूल-कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने भी मॉक ड्रिल में भाग लिया। महाविद्यालय के एनएसएस और एनसीसी के विद्यार्थी भी कार्यक्रम में शामिल रहे।
अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के पूर्वाभ्यास से आपदा के समय उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखा जा सकता है। मॉक ड्रिल के माध्यम से पूर्व तैयारी, सतर्कता और विभागीय समन्वय की आवश्यकता का संदेश दिया गया।
