बलिया नगर के प्रथम विधायक और 1942 की जनता सरकार के प्रथम डिप्टी कलेक्टर की जयंती पर गोष्ठी, संस्मरणों के जरिए स्वतंत्रता आंदोलन के दौर को किया याद
बलिया। सोबईबांध स्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित वृंदावन मिश्र स्मृति परिसर में बुधवार को लोहिया संस्थान एवं लोकतंत्र सेनानी के संयुक्त तत्वावधान में बलिया नगर के प्रथम विधायक और 1942 के आंदोलन में गठित जनता सरकार के प्रथम डिप्टी कलेक्टर रहे पंडित रामअनंत पांडेय की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी की अध्यक्षता लोकतंत्र सेनानी द्विजेंद्र कुमार मिश्र ने की। अतिथियों और उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
संस्मरण साझा करते हुए द्विजेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि पंडित रामअनंत पांडेय मुख्तारी का काम करते थे। महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित होकर वह स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गए और नमक आंदोलन में भी सक्रिय रहे। जनपद में उन्होंने 20 रुपये का नीलामी नमक खरीदा था।
उन्होंने बताया कि पंडित रामअनंत पांडेय वर्ष 1952 और 1962 में दो बार बलिया नगर के विधायक चुने गए। वर्ष 1975 में आपातकाल के दौरान देश के राष्ट्रीय नेता और कार्यकर्ता जेलों में बंद किए गए थे। उस दौर के संस्मरण साझा करते हुए उन्होंने बताया कि बलिया कचहरी में सेनानी पंडित वृंदावन मिश्र समेत कई लोग एक साथ रहे थे।
द्विजेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि आपातकाल के दौरान उन्हें भी मीसा के तहत बलिया जेल में बंद किया गया था। तत्कालीन जिलाधिकारी शरद चंद्र ने उन्हें सामान्य श्रेणी में रखने का आदेश दिया था। इस पर स्वतंत्रता सेनानी पंडित वृंदावन मिश्र समेत अन्य लोगों ने जिलाधिकारी से मिलकर उन्हें उच्च श्रेणी में रखने का आग्रह किया। इसके बाद शाम तक जिला कार्यालय में उन्हें उच्च श्रेणी में रखने का आदेश पहुंच गया।
गोष्ठी में अजय बहादुर सिंह, देवेंद्र नाथ त्रिपाठी, शिवशरण तिवारी, संतोष कुमार शुक्ल, कुमारी रोशनी राज, डॉ. श्यामनंदन मिश्र, मुनरिका राज, राजू राज और रवि मिश्र समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
