- फसल बीमा ना मिलने व मुआवजा की रकम बढ़ाने की ग्रामीणों ने की मांग
- जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान पशु,स्वास्थ्य,सिंचाई, राजस्व,पुलिस विभाग अन्य विभाग अधिकारी मौजूद रहें
लखनऊ। लखनऊ जिले बख्शी का तालाब (बीकेटी) इटौंजा थाना क्षेत्र के बहादुरपुर,सुल्तानपुर, लासा, अकड़रिया कलां खूर्द, हीरा पुरवा, दुघरा समेत कई गांवों के नजदीक पड़ने वाली गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से खेतों सड़कों पर जलभराव हो गया है। सोमवार दोपहर लखनऊ जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर हालातों का जायजा लिया। उन्होंने सुल्तानपुर के ग्राम प्रधान रामकुमार से वार्तालाप की और ग्रामीणों का हाल-चाल जाना और उनकी समस्याएं जानीं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को हर संभव मदद दी जायें और राहत कार्यों में कोई लापरवाही न हों सकें। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग और पशु चिकित्सा विभाग को गांवों में कैंप लगाकर ग्रामीणों और पशुओं को दवाएं व स्वास्थ्य सुविधाएं देने के निर्देश दिए हैं। वही जिलाधिकारी विशाख ने बताया कि अगले 24 घंटे में गोमती नदी का जलस्तर घटने की उम्मीद है, प्रशासन लगातार प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है सहायता पहुंचा रहा हैं। इस दौरान कई प्रशासनिक अधिकारी बीकेटी एसडीएम आकाश कुमार, तहसीलदार शरद सिंह, इटौंजा थाना प्रभारी निरीक्षक सोबरन सिंह मौके पर मौजूद रहे।
इटौंजा क्षेत्र के बृजेश बहादुरपुर, रोशन लाल बहादुरपुर, भगत बहादुरपुर ने बताया कि अधिकारियों ने गांव के अंदर का निरीक्षण तक नहीं किया। बहादुरपुर की सड़क की ढाल तक अधिकारी मोयना कर लौट गए, बहादुरपुर गांव के पूर्व की तरफ नाव का कोई साधन नहीं है, भूसा वितरण नहीं किया गया है, राशन खाद्य सामग्री वितरण नहीं की गई है, और शौच के लिए बाहर जाने के लिए नाव की कोई व्यवस्था नहीं है। गांव के निवासी संतोष ने बताया कि अगले साल आई बाढ़ का फसल योजना बीमा कुछ किसानों को नहीं मिला, इस साल बाढ़ आई है, लेकिन अभी तक किसानों को किसी प्रकार का कोई मुआवजा अन्य कोई सुविधा नहीं मिली है। अधिकारी सिर्फ निरीक्षण कर रहे हैं, कागजों पर काम हो रहे हैं और जमीन पर अभी तक किसी ग्रामीण को कोई खाद्य सामग्री व पशुओं के लिए भूसा एवं बीमार व्यक्तियों के लिए कोई दवाई अभी उपलब्ध नहीं हुई है, ना तो किसी प्रकार का कोई एंटी लारवा का छिड़काव किया गया है। तरह-तरह की बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ हैं। एक किसान ने बताया कि बहादुरपुर गांव के घर में शादी होने के करीब है, लेकिन बाढ़ होने के कारण वह बहुत मजबूरी में फंस गया है। वही कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि, कागजों पर सिर्फ निर्देश और मौखिक निर्देश जारी हो रहे हैं। जमीन पर अभी किसी पशुपालक को भूसा नहीं मिला है और ना ही किसी ग्रामीण को खाद्य सामग्री मिल पाई है। वहीं कुछ ग्रामीणों ने मांग की बहादुरपुर माल रोड के पास एक नल लगवाया जायें। जिससे कि पीने की पानी की समस्या का निदान हो सकें। बाढ़ आने से पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे कि दूषित व प्रदूषित पानी पीने को गांव के ग्रामीण मजबूर हैं। वही कुछ ग्रामीणों ने मांग की बहादुरपुर सुल्तानपुर सड़क के पास पुलिस चैकी का निर्माण किया जायें।
