पीलीभीत। समाजवादी पार्टी के नए जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार के प्रथम जनपद आगमन पर कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, नारेबाजी और कार्यकर्ताओं के उत्साह से माहौल पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंगा नजर आया। लेकिन जैसे ही जिलाध्यक्ष केजीएन स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचे, अचानक बिजली गुल हो गई और स्वागत समारोह की पूरी रोशनी मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट पर टिक गई।ढोल-नगाड़ों के साथ कार्यालय पहुंचे धर्मेश गंगवार का कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इसी दौरान बिजली चली जाने से कुछ देर के लिए कार्यक्रम स्थल पर अंधेरा छा गया। रोशनी की व्यवस्था ठप पड़ते ही कार्यकर्ताओं ने अपने मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट जला लीं। इसके बाद मोबाइल की रोशनी के बीच ही जिलाध्यक्ष का स्वागत और अभिनंदन जारी रहा।
नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष के स्वागत को लेकर कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह था। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों के साथ कार्यालय पहुंचे थे। नारों और स्वागत के बीच अचानक बिजली गुल होने से कार्यक्रम का नजारा जरूर बदल गया। कुछ ही पलों में पार्टी कार्यालय मोबाइल फ्लैशलाइटों की रोशनी से जगमगाने लगा।बिजली जाने का कारण तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका, लेकिन जिलाध्यक्ष के स्वागत कार्यक्रम में व्यवस्था को लेकर चर्चाएं जरूर शुरू हो गईं। कार्यकर्ताओं के बीच यह भी चर्चा रही कि महत्वपूर्ण संगठनात्मक कार्यक्रम के लिए बिजली और वैकल्पिक रोशनी की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित होनी चाहिए थी।
व्यवस्था भले ही लड़खड़ा गई, लेकिन कार्यकर्ताओं का उत्साह कम नहीं हुआ। मोबाइल की रोशनी में ही स्वागत का सिलसिला चलता रहा। यह नजारा कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।धर्मेश गंगवार के जिलाध्यक्ष बनने के बाद पहली बार जनपद आगमन को पार्टी कार्यकर्ताओं ने शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी दिखाने की कोशिश की। स्वागत समारोह में उमड़ी भीड़ और कार्यकर्ताओं का उत्साह संगठन में नई ऊर्जा का संकेत देता नजर आया।हालांकि, स्वागत कार्यक्रम के दौरान बिजली गुल होने की घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जरूर हुईं, लेकिन महज एक घटना के आधार पर पार्टी की संगठनात्मक या चुनावी तैयारियों पर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
धर्मेश गंगवार के सामने अब जनपद में संगठन को सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं को एकजुट कर आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देने की चुनौती होगी। बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं में समन्वय बढ़ाना और पार्टी के कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से जमीन तक पहुंचाना नए जिलाध्यक्ष की प्राथमिकताओं में शामिल रहने की उम्मीद है।पहले ही स्वागत समारोह में ढोल-नगाड़ों के बीच बिजली गुल होने और मोबाइल फ्लैशलाइट में स्वागत का दृश्य जरूर चर्चा में आ गया है। अब देखना होगा कि नए जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में सपा संगठनात्मक मोर्चे पर कितनी मजबूती से आगे बढ़ती है।
