- आनागारिक धम्मपाल की मनायी गयी 162वीं जयंती
- आनागारिक धम्मपाल की जयंती को ष्विश्व पालि गौरव दिवसष् के रूप में मनाया गया
- आनागारिक धम्मपाल की जयंती पर तीन मूर्तियों का दान व पालि पखवाड़े का शुभारंभ
- 1893 ष्शिकागो विश्व धर्म संसदष् में भूमिका व योगदानों पर भी चर्चा
प्रतापगढ़।समन्वय सेवा संस्थान तत्वावधान में सुगतानन्द बुद्ध विहार में आयोजित पूज्य देवमित्त आनागारिक धम्मपाल जी की 162वीं जयंती पर आध्यात्मिक सम्बोधि नगरी बोधगया से लाइट ऑफ बुद्ध धर्म फाउंडेशन इंटरनेशनल, अमेरिका द्वारा प्राप्त भगवान बुद्ध की भूमि स्पर्श मुद्रा की तीन मूर्तियों को दान वरमपति बुद्ध विहार,आलवी बुद्ध विहार, ग्राम,नेवल, बाँगरमऊ,उन्नाव व बरेली को दान किया गया।
इस अवसर पर भिक्खु जितेंद्र वर्धन,भंते प्रज्ञानंद व उडीसा से पधारें भंते कीर्तिवर्धन के नेतृत्व में बोधि पूजा,ध्यान साधना के साथ उपासकों व पालि भाषा अभियान से जुड़े लोगों ने राष्ट्र में धम्म के पुनर्जागरण में आनागरिक धम्मपाल के अमूल्य योगदान व अनेक जनकल्याणी कार्यों को किए जाने तथा पालि साहित्य के प्रकाशन एवं प्रचार- प्रसार में प्राच्य विद्या के अमूल्य व महान योगदानों को स्मरण करते हुए उन्हें अपनी कृतज्ञ भाव से सम्मान प्रकट करते हुए उनकी जयंती को ष्विश्व पालि गौरव दिवसष् के रूप में मनाया।
कार्यक्रम का संयोजन व संचालन कर रहे राकेश कनौजिया द्वारा भारत के प्रधानमंत्री मा. नरेंद्र मोदी व भारत सरकार द्वारा पालि भाषा को क्लासिकल लैंग्वेज के रूप में मान्यता प्रदान किए जाने पर धन्यवाद ज्ञापित करते हुए व आज से आगामी 15 दिनों का ष्पालि भाषा पखवाड़ा दिवसष् का शुभारंभ करते हुए बताया कि आज से चलने वाले पखवाड़े में पालि प्रतियोगिता में सफल प्रतियोगियों को पुरस्कार वितरण, व आचार्यो,धम्म गुरुओं,चिंतको,शोधर्थी,विभिन्न संस्थाओं व संगठनों के समन्वय एवं उपासकों के सहयोग से श्रमणेर शिविर का आयोजन,विचार गोष्ठी, व्याख्यानमाला व पालि लिपि के लिए सेमिनार,धम्मपद के अखंड पाठ के साथ ही प्रत्येक शाम 8रू30 बजे से दैनिक ऑनलाइन परित्राण पाठ संगायन के साथ विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किया जायेगा।
अध्यक्षता कर रहें पालि भाषा को उ. प्र.हाई स्कूल, इंटर बोर्ड परीक्षाओं धम्मलिपि में अग्रणी भूमिका निभाने वाले जनपद के वरिष्ठ चिकित्सक आचार्य डॉ.शिव मूर्ति लाल मौर्य,आचार्य सुभाष चंद्रा सहित बहन लीलावती,आचार्य उमेश चंद्र,आचार्य राजीव अनीता,उदयवीर सिंह,महोपासक अशोक सावंत,वेद प्रकाश,सुमन चंद्रा, ललित मित्रा,संत प्रसाद लोहिया,सुरेंद्र कुमार विमल,बरसती राम,बंशीलाल ष्प्रेमीष्, रघुराज,गोकुल बौद्ध,मंजू चन्द्रकेश मौर्य,सी. पी. राव,बसंतलाल मौर्य,रामप्यारी , अवधेश कुमार,सुरेंद्र कुमार विमल, मनीष रंजन,विवेक सरोज,रमाशंकर,वीरेंद्र, कमलेश गौतम, विशेश्वर प्रसाद, आचार्य राजीव, डा.विजय सरोज,श्रीराम उमरवैश्य, दिनेश कुमार,आशीष बौद्ध उपस्थिति रहें साथ ही सभी उपासको के प्रति अवधेश अंजनी व विजय शंकर द्वारा सयुंक्त रूप से आभार किया गया।
