पीलीभीत। उत्तर प्रदेश को उत्तराखंड सीमा से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण पीलीभीत-मझोला मार्ग इन दिनों बदहाली की ऐसी तस्वीर पेश कर रहा है, जिसे देखकर सड़क निर्माण और रखरखाव के दावों पर सवाल खड़े होना लाजिमी है। बारिश के बाद यह मार्ग जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों और जलभराव में तब्दील हो गया है। हालात यह हैं कि सड़क पर वाहन चलाना अब राहगीरों के लिए परेशानी के साथ-साथ हादसे का खतरा भी बन गया है।पीलीभीत से मझोला और अमरिया की ओर जाने वाले इस प्रमुख मार्ग पर दिनभर छोटे-बड़े वाहनों के साथ मालवाहक ट्रकों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद सड़क की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। मानसूनी बारिश ने गड्ढों को और गहरा कर दिया है। कई स्थानों पर पानी भरने से सड़क के गड्ढे दिखाई तक नहीं देते। वाहन चालक जब तक संभलते हैं, तब तक वाहन गड्ढे में जा चुका होता है।
जलभराव वाले गड्ढे दोपहिया वाहन चालकों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बने हुए हैं। अचानक गड्ढे में पहिया जाने से वाहन असंतुलित होने और चालक के गिरकर चोटिल होने का खतरा बना रहता है। वहीं बड़े वाहनों के गड्ढों में फंसने अथवा असंतुलित होने की आशंका भी लगातार बनी हुई है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की मरम्मत के नाम पर समय-समय पर पैचवर्क तो कराया जाता है, लेकिन गुणवत्तापूर्ण स्थायी समाधान नहीं किया जाता। नतीजा यह है कि बारिश आते ही सड़क पर किए गए मरम्मत कार्य की पोल खुल जाती है और गड्ढे फिर से उभर आते हैं।
उत्तराखंड सीमा के करीब होने के कारण पीलीभीत-मझोला मार्ग व्यापार, आवागमन और सीमावर्ती कनेक्टिविटी की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में इस प्रमुख मार्ग की बदहाली सरकारी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर सीमावर्ती क्षेत्रों में बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर महत्वपूर्ण मार्ग की हालत लगातार खराब होती जा रही है।
क्षेत्रवासियों के मुताबिक सड़क की हालत देखकर ऐसा लगता है कि मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। उनका आरोप है कि यदि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाता और समय-समय पर प्रभावी निरीक्षण होता तो बारिश के बाद सड़क की यह स्थिति नहीं बनती।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो गड्ढों की स्थिति और विकराल हो सकती है। पानी से भरे गड्ढों की गहराई का अंदाजा न लग पाने के कारण हादसे का खतरा बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों और वाहन चालकों ने जिला प्रशासन व लोक निर्माण विभाग से तत्काल मौके का निरीक्षण कर सड़क की स्थिति सुधारने की मांग की है।लोगों का कहना है कि केवल गड्ढों में मिट्टी या पत्थर डालकर औपचारिकता पूरी करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। सड़क की तकनीकी जांच कराकर गुणवत्तापूर्ण और स्थायी निर्माण कराया जाना जरूरी है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदार विभाग की नींद टूटेगी।
