नई दिल्ली (सागरपुर): पश्चिमी दिल्ली के सागरपुर स्थित 'सर्वोदय कन्या विद्यालय नंबर 2' में बुधवार सुबह स्कूल प्रशासन की घोर लापरवाही का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। क्लासरूम में पढ़ाई के दौरान अचानक चलता हुआ सीलिंग फैन छत से उखड़कर नीचे बैठी 8वीं कक्षा की छात्रा के सिर पर आ गिरा। इस दर्दनाक हादसे में छात्रा का माथा बुरी तरह फट गया और वह लहूलुहान हो गई। घायल छात्रा को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसके माथे पर 9 टांके लगाने पड़े हैं।
क्लास में बैठकर पढ़ रही थी छात्रा, अचानक सिर पर आ गिरा चलता पंखा
घटना 2 सितंबर 2026 की सुबह करीब 8:00 बजे की है। कक्षा 8 की छात्रा अर्पणा यादव रोज़ की तरह क्लासरूम में अपनी सहेलियों के साथ बैठकर पढ़ाई कर रही थी। उसी दौरान बिना किसी चेतावनी के छत पर घूमता हुआ पंखा अचानक टूटकर सीधे अर्पणा के माथे पर जा गिरा। पंखे की चपेट में आने से पास बैठी एक अन्य छात्रा को भी हल्की चोटें आईं, जबकि अर्पणा के माथे से भारी मात्रा में खून बहने लगा और क्लास में चीख-पुकार मच गई।
परिजनों को दी 'मामूली चोट' की सूचना, अस्पताल पहुंचे तो यूनिफॉर्म खून से लथपथ मिली
छात्रा के भाई ने बताया कि सुबह करीब 8:10 बजे स्कूल के एक शिक्षक का फोन आया, जिसमें कहा गया कि अर्पणा को 'मामूली चोट' आई है और प्राथमिक उपचार के लिए उसे अंसारी अस्पताल ले जाया गया है। जब परिजन घबराए हुए अस्पताल पहुंचे, तो वहां का मंज़र देखकर उनके होश उड़ गए। अर्पणा दर्द से कराह रही थी, उसका माथा गहरे घाव से फटा हुआ था और स्कूल की पूरी यूनिफॉर्म खून से सनी हुई थी।
भाई ने मौके पर बनाया वीडियो और तुरंत 112 डायल किया; स्कूल स्टाफ ने कहा—'पुलिस कंप्लेंट क्यों करनी'
गंभीर स्थिति और खून से लथपथ बहन को देखते ही भाई ने तुरंत अपने मोबाइल से मौके का वीडियो बनाया ताकि लापरवाही का पक्का साक्ष्य रहे, और बिना देर किए सीधे 112 पर कॉल करके पुलिस को मौके पर बुलाया। इस दौरान अस्पताल में मौजूद स्कूल स्टाफ ने परिजनों को रोकने की कोशिश की और ऐतराज जताते हुए कहने लगे कि मामले को यहीं रहने दो, पुलिस कंप्लेंट करने की क्या जरूरत है। लेकिन परिजनों ने स्कूल के दबाव को दरकिनार कर आधिकारिक कानूनी प्रक्रिया पर जोर दिया।
पुलिस जांच में खुलासा: घूमते ब्लेड ने माथे की मसल्स को काटा
सूचना मिलने पर सुबह करीब 10:00 बजे दिल्ली पुलिस की टीम से एएसआई (ASI) मनमोहन अस्पताल पहुंचे। इसके बाद पुलिस टीम ने स्कूल पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना (स्पॉट इंस्पेक्शन) किया। जांच में यह पुष्टि हुई कि पंखा चलते-चलते अचानक गिरा था और तेज रफ्तार से घूमते हुए ब्लेड के सीधे माथे पर टकराने से जहां तक ब्लेड लगा, वहां की नसें और मांसपेशियां (muscles) कटकर बाहर निकल आईं।
9 टांके लगे, 24 घंटे के लिए ऑब्जर्वेशन में भर्ती; सीटी स्कैन कराने की सलाह
अस्पताल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मेडिको-लीगल केस (MLC) काटा। डॉक्टरों ने तत्काल घाव पर 9 टांके लगाए। डॉक्टरों का कहना है कि भारी धातु और तेज रफ्तार ब्लेड के सीधे प्रहार से अंदरूनी ब्लीडिंग या खोपड़ी की हड्डी में हेयरलाइन फ्रैक्चर की आशंका है। इसके चलते डॉक्टरों ने छात्रा को 24 घंटे की सघन निगरानी (ऑब्जर्वेशन) में रखा है और तुरंत ब्रेन का नॉन-कॉन्ट्रास्ट सीटी (NCCT) स्कैन कराने की सलाह दी है।
घटना के बाद से स्कूल प्रबंधन के कुछ प्रतिनिधि और शिक्षक अस्पताल में मौजूद हैं। परिजनों ने स्कूल प्रशासन के मेंटेनेंस पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे बच्चों की जिंदगी से खुला खिलवाड़ करार दिया है और मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

