पीलीभीत। राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर बुधवार को जनपद में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर आयुर्वेद एवं आयुष चिकित्सा पद्धति के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। कार्यक्रमों की शुरुआत ललित हरि राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं चिकित्सालय के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम से हुई। इसमें मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्रा, प्राचार्या प्रो. अनुराधा, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. हरबंश कुमार, जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव शर्मा समेत अधिकारी एवं चिकित्सक मौजूद रहे।
मुख्य विकास अधिकारी ने राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और आयुर्वेद को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने ‘सेवा-संकल्प अभियान’ की जानकारी देते हुए लोगों से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक और संकल्पित रहने की अपील की।कार्यक्रम के दौरान ललित हरि राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं चिकित्सालय परिसर में पौधारोपण भी किया गया। अधिकारियों एवं चिकित्सकों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण पर जोर दिया गया।राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के तहत मोहल्ला खकरा, खकरा चैकी के निकट भव्य आयुष चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। शिविर का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर एवं फीता काटकर किया। शिविर का आयोजन क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी के निर्देशन में नोडल अधिकारी डॉ. नमन शर्मा और डॉ. अविनाश वर्मा के समन्वय से हुआ।
शिविर में आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार और डॉ. श्वेता साहू, होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. सविता तथा यूनानी चिकित्सा अधिकारी डॉ. रविंद्र कुमार ने ओपीडी के माध्यम से मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। चिकित्सकों ने मरीजों को आवश्यक परामर्श देने के साथ ही जरूरत के अनुसार निःशुल्क औषधियों का वितरण किया।नोडल अधिकारी डॉ. नमन शर्मा ने बताया कि आयुष चिकित्सा शिविर में करीब 500 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शिविर के माध्यम से लोगों को आयुर्वेद, यूनानी एवं होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
