कादीपुर/सुल्तानपुर। ग्राम सभा नारा मधईपुर में गुरुवार 25 सितंबर को प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई महज खानापूर्ति बनकर रह गई। हाईकोर्ट के आदेश और ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद करीब 4 बीघा ग्राम सभा भूमि से कब्जा हटाने के बजाय टीम ने एक पुराने जर्जर मकान पर जेसीबी चला दी। इससे ग्राम प्रधान और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों और ग्राम प्रधान का आरोप है कि असली अतिक्रमण गाटा संख्या 648, 649 सहित लगभग 4 बीघा क्षेत्र पर है। इसमें सबसे ज्यादा जमीन पर रामाशंकर यादव और उनके परिवार का कब्जा बताया जा रहा है। मौके पर नया पक्का मकान, शौचालय और पशुबाड़ा बना हुआ है। उसर खाते की भूमि पर भी कब्जा है। इसी अतिक्रमण के कारण गांव के विकास कार्य रुक गए हैं और उसर भूमि की सफाई सालों से नहीं हो पा रही है।
ग्रामीणों ने इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी। अदालत ने 30 सितंबर तक अवैध अतिक्रमण हटाकर पूरी रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। शिकायतकर्ताओं ने मुख्यमंत्री कार्यालय में डिप्टी सेक्रेटरी रामगोपाल सिंह को भी मामले की जानकारी दी थी।
ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय लेखपाल राम यज्ञ यादव और तहसीलदार उमेश चंद्र यादव की सांठगांठ के चलते नया पक्का कब्जा नहीं हटाया गया। जिस गाटे पर नोटिस चिपकाई गई थी, उसके पूरे रकबे को खाली नहीं कराया गया। सिर्फ एक जर्जर मकान गिराकर फोटो खिंचवा ली गई। ग्रामीणों का आरोप है कि इससे शासन, जिलाधिकारी और हाईकोर्ट को गुमराह करने की कोशिश की गई है।
ग्राम प्रधान ने कहा कि जो वास्तविक कब्जा है, उसे नहीं छुआ गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक 4 बीघा का पूरा अतिक्रमण नहीं हटेगा, आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन की ओर से इस आरोप पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
