कुंडा/प्रतापगढ़। बिना अनुमति आम के बाग की कटाई के खिलाफ कार्रवाई करना कुंडा वन विभाग के रेंजर को भारी पड़ गया। कार्रवाई से नाराज पेड़ो की अवैध कटान करने वाले एक आरोपी द्वारा रेंजर को फोन कर अभद्रता करने और जान से मारने की धमकी दी गई। धमकी देने के बाद रेंजर की तहरीर पर कुंडा पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके कार्यवाही शुरू कर दी है।
कुंडा वन रेंज के मानिकपुर क्षेत्र के धरौली गांव में बिना अनुमति आम के करीब 40 पेड़ों की कटाई किए जाने की सूचना पर क्षेत्रीय वन अधिकारी आशीष सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। मामले में वन विभाग की ओर से कार्रवाई करते हुए पूर्व में 29 जुलाई 2026 को मानिकपुर थाने में वृक्ष संरक्षण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई थी। विभाग द्वारा की गई सख्त कार्यवाही से पेड़ो की अवैध कटान करने वालों में हड़कम्प मच गया था और उनका अवैध धंधा प्रभावित हो गया था। इसी कार्रवाई से नाराज मानिकपुर थाना क्षेत्र के धरौली गांव निवासी धीरेंद्र जायसवाल ने 23 सितंबर की रात करीब 8रू13 बजे रेंजर आशीष सिंह को फोन किया। बातचीत के दौरान आरोपी ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया और कार्यवाही करने पर अंजाम भुगतने की धमकी भी दी। रेंजर आशीष सिंह ने मामलें की सूचना अधिकारियों को देते हुए स्थानीय पुलिस से आरोपी के खिलाफ तहरीर दे दी। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने बीएनएस की धारा 221, 352 और 351(3) के तहत आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच उपनिरीक्षक चंद्रबली सिंह को सौंप दी है।
कुंडा रेंजर आशीष सिंह ने मामले में आरोपी बने मानिकपुर थाना क्षेत्र के धरौली गांव के रहने वाले धीरेंद्र जायसवाल पुत्र गया प्रसाद जायसवाल का आपराधिक रिकार्डो को भेजकर उसके खिलाफ वन माफिया की कार्यवाही की मांग की है। एसपी को भेजे अपने पत्र में आशीष सिंह ने बताया है कि आरोपी के खिलाफ वन अपराध एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने पर आधा दर्जन से अधिक मुकदमें दर्ज हो चुकें हैं। अब देखना होगा कि रेंजर द्वारा द्वारा भेजे गए पत्र का एसपी प्रतापगढ कितनी गम्भीरता से लेकर कार्यवाही करतें हैं?
