अमेठीः 3.68 करोड़ खर्च, फिर भी गांव प्यासा! जांच के दौरान भड़का हंगामा
September 30, 2026
अमेठी। भेंटुआ ब्लॉक की ग्राम पंचायत गुंगवाछ में जल आपूर्ति योजना की जांच के दौरान हंगामा हुआ। प्रधान आशा तिवारी ने आरोप लगाया कि 3 करोड़ 68 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद गांव में पानी नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि काम करने वाली कंपनी मेसर्स विन्ध्या-टेलीलिंक्स प्राइवेट लिमिटेड, नोएडा ने गांव की सड़कें और अन्य सुविधाएं खराब कर दी हैं। जांच टीम जब प्रधान के घर पहुंची तो जल निगम के अधिकारी और कंपनी के लोग बहस करने लगे। प्रधान का कहना है कि टीम मौके पर जांच के लिए तैयार नहीं थी और कंपनी अपने कागजात लेकर नहीं आई। जांच टीम में खण्ड विकास अधिकारी भेटुआ दिव्या सिंह, ए.बी. सिंह (डी.सी., डी.पी.एम.यू. अमेठी), डी.पी. गौतम (सहायक अभियन्ता, उ.प्र. जल निगम ग्रामीण अमेठी), नीरज कुमार प्रजापति (जूनियर इंजीनियर, उ.प्र. जल निगम ग्रामीण अमेठी) और देवेन्द्र प्रताप सिंह (डी.पी.एम., टी.पी.आई.ए. अमेठी) शामिल रहे। बहस के बाद खंड विकास अधिकारी दिव्या सिंह ने टीम को मठकनैगिर में घर-घर जाकर जांच करने को कहा। इस दौरान जल निगम के अधिकारी चुपचाप खड़े रहे। प्रधान ने बताया कि ग्राम पंचायत के 11 पुरवों में से सिर्फ तीन में पानी आ रहा है। इंटरलॉकिंग, चकमार्ग, खडंजा और लोक निर्माण विभाग की सड़कें टूट गई हैं। विभाग के पोर्टल पर सड़क ठीक करने और काम पूरा होने का दावा किया गया है, मेंटीनेंस का पैसा भी निकाला जा रहा है, जबकि हकीकत अलग है। बीडीओ दिव्या सिंह ने भी माना कि प्रधान के आरोप सही हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी का काम अधूरा है और गांव के संसाधनों को नुकसान पहुंचा है। बीडीओ ने यह भी साफ किया कि रिपोर्ट सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी जांच टीम की बनाई जाएगी। गांववाले अब रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
