लखनऊ। माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने शासन के निर्देशों को ठेंगा दिखाने वाले जिला विद्यालय निरीक्षकों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। स्कूलों में छात्रों, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की बायोमीट्रिकध्ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य किए जाने के 14 महीने बीत जाने के बाद भी हो रही घोर लापरवाही पर बोर्ड ने सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। प्रदेश के 33 जिलों में ऑनलाइन अटेंडेंस का आंकड़ा 10 प्रतिशत से भी कम मिलने पर संबंधित डीआईओएस के खिलाफ शासन को दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति भेजी गई है।
बोर्ड समीक्षा में सामने आया है कि 33 जिलों में अधिकारियों की लचर कार्यशैली के कारण ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है। हद तो तब हो गई जब भदोही जिले के कुल 196 स्कूलों में से एक भी स्कूल में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं की जा रही है। यूपी बोर्ड ने इसे सीधे तौर पर सरकारी आदेशों की अवहेलना और डीआईओएस के शिथिल पर्यवेक्षण (कमजोर मॉनिटरिंग) का नतीजा माना है।
कार्रवाई के राडार पर 33 जिले है। लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर नगर, कानपुर देहात, आगरा, वाराणसी मंडल के भदोही व जौनपुर।गोंडा, बहराइच, सिद्धार्थनगर, देवरिया, गोरखपुर, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र।उन्नाव, हरदोई, सुल्तानपुर, फतेहपुर, कौशांबी, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर। फर्रुखाबाद, मैनपुरी, फिरोजाबाद, अलीगढ़, हाथरस, बुलंदशहर और सहारनपुर।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित 33 जिलों के डीआईओएस को 6 दिनों की सख्त मोहलत दी है। निर्देश जारी किए गए हैं कि छह दिनों के भीतर अपने-अपने जिलों के सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) और स्ववित्तपोषित (प्राइवेट) विद्यालयों में शत-प्रतिशत (100ः) ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज होना सुनिश्चित कराएं।
सचिव ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि तय सीमा में व्यवस्था न सुधारने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति शासन स्तर पर प्रभावी कर दी जाएगी। बोर्ड के इस सख्त रुख से शिक्षा विभाग के गलियारों में हड़कंप मच गया है।
