- 195वीं जयंती पर जेएमबी कॉलेज में हुआ भव्य आयोजन
- महामंडलेश्वर ने चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर वीरांगना के संघर्ष को किया नमन
पीलीभीत। भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की महानायिका वीरांगना महारानी अवंतीबाई लोधी की 195वीं जयंती के अवसर पर पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग स्थित जेएमबी कॉलेज में अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा के तत्वावधान में भव्य जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर एवं बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद महाराज मुख्य रूप से शामिल हुए। उन्होंने महारानी अवंतीबाई लोधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
अपने उद्बोधन में स्वामी प्रवक्तानंद महाराज ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी केवल एक वीर रानी नहीं, बल्कि भारतीय नारी शक्ति, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की ऐसी प्रतीक हैं, जिनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में जब अंग्रेजी हुकूमत देश की रियासतों और भारतीय स्वाभिमान को कुचलने का प्रयास कर रही थी, उस समय रामगढ़ की वीरांगना ने विदेशी सत्ता के सामने झुकने के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना।
उन्होंने कहा कि महारानी अवंतीबाई ने सीमित संसाधनों और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा संभाला। उन्होंने अपने राज्य, मातृभूमि और सम्मान की रक्षा के लिए अदम्य साहस का परिचय दिया। उनका जीवन यह संदेश देता है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, राष्ट्र और स्वाभिमान की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
स्वामी प्रवक्तानंद ने कहा कि आज वीरांगना अवंतीबाई की जयंती मनाने का उद्देश्य केवल उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करना नहीं है, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना भी है। युवाओं को उनके संघर्ष से प्रेरणा लेकर देश, समाज और राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकजुटता में होती है। जब समाज संगठित होकर शिक्षा, संस्कार, सेवा और राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ता है तो उसकी ताकत कई गुना बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि नई पीढ़ी को वीरांगना अवंतीबाई लोधी जैसी महान विभूतियों के इतिहास से परिचित कराया जाए। उनके त्याग और संघर्ष की गाथा युवाओं तक पहुंचे, ताकि उनमें देशभक्ति, आत्मसम्मान और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत हो सके। उन्होंने महिलाओं की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय इतिहास में नारी शक्ति ने हर दौर में राष्ट्र और समाज की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। महारानी अवंतीबाई इसका गौरवपूर्ण उदाहरण हैं।
महामंडलेश्वर ने समाज से शिक्षा को प्राथमिकता देने, युवाओं को आगे बढ़ाने और सामाजिक एकता मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन का विस्तार तभी सार्थक होगा, जब उसके माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा और सहयोग की भावना पहुंचे। समाज के सक्षम लोगों को जरूरतमंद परिवारों, विद्यार्थियों और युवाओं के उत्थान के लिए आगे आना चाहिए।
कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों ने भी वीरांगना अवंतीबाई के जीवन और संघर्ष पर विचार रखे। इस अवसर पर संगठन मंत्री कुलदीप लोधी, प्रदेश महामंत्री मुनेंद्र पाल, जिलाध्यक्ष दिनेश वर्मा, जिला महामंत्री हरेंद्र पाल लोधी, जिला महामंत्री हरपाल सिंह सहित जनपद के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
