पीलीभीत। गुम और खोए मोबाइल फोन की तलाश में पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने बड़ी सफलता हासिल की है। तकनीकी निगरानी और केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (सीईआईआर) पोर्टल की मदद से पुलिस टीम ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 217 गुम मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 30 लाख 94 हजार 941 रुपये बताई गई है। पुलिस ने बरामद मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया और सहायक पुलिस अधीक्षक नताशा गोयल के पर्यवेक्षण में साइबर अपराध शाखा की टीम गुम मोबाइलों की तलाश में लगातार जुटी थी। टीम ने सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में गुम हुए मोबाइल फोन का विवरण जुटाकर उनकी तकनीकी निगरानी शुरू की।
मोबाइल फोन के पहचान नंबर और नेटवर्क संबंधी तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय हुए गुम मोबाइलों को चिन्हित किया। इसके बाद कार्रवाई करते हुए 217 मोबाइल फोन बरामद किए गए। बरामद मोबाइलों में वनप्लस, मोटोरोला, ओप्पो, वीवो, रेडमी, सैमसंग, पोको, रियलमी और इनफिनिक्स समेत विभिन्न कंपनियों के फोन शामिल हैं।
बरामदगी के बाद पुलिस ने मोबाइल फोन के वास्तविक स्वामियों की पहचान की और उन्हें फोन सुपुर्द करने की प्रक्रिया शुरू की। मोबाइल वापस मिलने की सूचना से संबंधित लोगों को बड़ी राहत मिली है।गुम मोबाइलों की बरामदगी में सीईआईआर पोर्टल पुलिस के लिए प्रभावी तकनीकी माध्यम साबित हो रहा है। मोबाइल का पहचान नंबर दर्ज होने के बाद उसके दोबारा किसी नेटवर्क पर सक्रिय होने की स्थिति में उसकी पहचान और लोकेशन संबंधी जानकारी हासिल करने में मदद मिलती है। इसी तकनीकी व्यवस्था का इस्तेमाल कर साइबर अपराध शाखा ने बड़ी संख्या में गुम मोबाइलों को ट्रेस कर बरामद किया।
मोबाइल फोन आज निजी जानकारी, संपर्क और जरूरी दस्तावेजों से जुड़ा महत्वपूर्ण उपकरण बन चुका है। ऐसे में मोबाइल गुम होने पर आर्थिक नुकसान के साथ निजी डेटा की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ जाती है। पुलिस की कार्रवाई से 217 लोगों को उनके गुम मोबाइल वापस मिलने की राह साफ हुई है।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने पर तत्काल संबंधित थाने में सूचना दें और आवश्यक विवरण के साथ सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि तकनीकी माध्यम से मोबाइल को ट्रेस कर बरामद करने की कार्रवाई की जा सके।
