पीलीभीत। केंद्र सरकार की ओर से 2,000 से अधिक के चुनिंदा व्यापारी यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू किए जाने के विरोध में शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोल दिया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जिला कांग्रेस कार्यालय पर एकत्र हुए। कांग्रेस नेताओं ने नई शुल्क व्यवस्था को व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला बताते हुए इसका विरोध किया और केंद्र सरकार से इस व्यवस्था पर पुनर्विचार कर इसे वापस लेने की मांग की।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 2100 का प्रतीकात्मक ‘उपहार’ तैयार किया था। कांग्रेस नेताओं के अनुसार यह राशि उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार के माध्यम से प्रधानमंत्री तक पहुंचाई जानी थी। कांग्रेस का कहना था कि इस प्रतीकात्मक उपहार के माध्यम से सरकार को यह संदेश देना है कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था में शुल्क लगाए जाने से व्यापारी वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ने की आशंका है।कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अनुसार, जब वे अपना विरोध दर्ज कराने और प्रतीकात्मक उपहार सौंपने के लिए आगे बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक और तीखी बहस हुई। पुलिस द्वारा गिरफ्तारी किए जाने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार और पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया गया और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर कड़ा आक्रोश जताते हुए कहा कि गिरफ्तारी और दबाव से पार्टी कार्यकर्ता पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारियों और आम लोगों से जुड़े इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेगी।कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि यूपीआई के माध्यम से डिजिटल भुगतान आज व्यापारिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। ऐसे में बड़े मूल्य के व्यापारी लेनदेन पर एमडीआर व्यवस्था लागू होने को लेकर व्यापारियों में चिंता है। पार्टी नेताओं का कहना था कि सरकार को शुल्क व्यवस्था लागू करने से पहले व्यापारियों की समस्याओं और इसके संभावित आर्थिक प्रभाव पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
कांग्रेस ने ऐलान किया कि यदि शुल्क व्यवस्था वापस नहीं ली गई तो पार्टी कार्यकर्ता सड़क से लेकर सदन तक विरोध जारी रखेंगे। नेताओं ने कहा कि पुलिस कार्रवाई कांग्रेस के आंदोलन को रोक नहीं सकती और आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा, शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्रीकृष्ण गंगवार, एआईसीसी सदस्य ईश्वर दयाल पासवान, पीसीसी सदस्य यूसुफ मलिक, अनवर अनीस, जिला उपाध्यक्ष पुष्पा गंगवार, मुनेन्द्र सक्सेना, जिला महासचिव नागेश पाठक, जिला प्रवक्ता हेमंत मिश्रा एडवोकेट, बरखेड़ा ब्लॉक अध्यक्ष हरीश कुमार सिंह मौर्य, बीसलपुर ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप मौर्य, ललौरीखेड़ा ब्लॉक अध्यक्ष मो. इरफान, मरौरी ब्लॉक अध्यक्ष कुंवर सेन पासवान, जिला महासचिव मो. अजीम, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष संदीप गंगवार, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा, अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष इस्तियाक अहमद, अल्पसंख्यक शहर अध्यक्ष सद्दीक अहमद उस्मानी, जिला सचिव रवि लोधी, कन्यावती, राजू मिश्रा, आशु पटेल, मंडल अध्यक्ष सुखपाल समेत अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी व्यापारियों के हितों से जुड़े इस मुद्दे को लेकर संघर्ष जारी रखेगी और सरकार पर शुल्क व्यवस्था में बदलाव के लिए दबाव बनाया जाएगा।
