बीसलपुर। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज बीसलपुर में आयोजित संकुल स्तरीय संस्कृत महोत्सव 2026-27 में विद्यार्थियों ने भाषा, साहित्य और संस्कृति से जुड़े विभिन्न विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में संकुल के 11 विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने अलग-अलग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। बीसलपुर विद्यालय ने कई स्पर्धाओं में प्रथम स्थान हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। महोत्सव का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना, दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पार्चन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि राजकीय महाविद्यालय बीसलपुर की प्राचार्या डॉ. हेमलता समेत अन्य अतिथियों ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। संकुल प्रमुख सुभाष, चिरंजीलाल वीरेंद्रपाल सरस्वती विद्या मंदिर पीलीभीत के प्रधानाचार्य, नवीन गौतम प्रधानाचार्य जलालाबाद, संजय मिश्रा प्रधानाचार्य पूरनपुर, अर्चना चैहान प्रधानाचार्या बालाजी गर्ल्स इंटर कॉलेज बीसलपुर और हरीश चंद्र शर्मा प्रधानाचार्य सरस्वती शिशु मंदिर बीसलपुर ने दीप प्रज्ज्वलन में सहभागिता की।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. रविशरण सिंह चैहान ने अतिथियों एवं निर्णायकों का स्वागत किया। प्रबंधक विष्णु कुमार गोयल ने कहा कि संस्कृत भारतीय संस्कृति, परंपरा और संस्कारों की महत्वपूर्ण धरोहर है। विद्यार्थियों को इससे जोड़ने वाले आयोजन उनके भीतर अपनी संस्कृति के प्रति समझ और सम्मान विकसित करते हैं।
प्रतियोगिताओं में बीसलपुर के विद्यार्थियों ने कई विधाओं में शानदार प्रदर्शन किया। साहित्यिक प्रश्नमंच के बाल वर्ग में बीसलपुर ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि जलालाबाद दूसरे और मझोला तीसरे स्थान पर रहा। किशोर वर्ग में जलालाबाद प्रथम, बीसलपुर द्वितीय और तिलहर तृतीय रहा। तरुण वर्ग में परशुरामपुरी प्रथम तथा बीसलपुर द्वितीय स्थान पर रहा। गीत प्रतियोगिता के बाल वर्ग में बीसलपुर ने तीसरा स्थान हासिल किया। तरुण वर्ग में पीलीभीत प्रथम, बीसलपुर द्वितीय और पुवायां तृतीय रहा। लोकनृत्य में बीसलपुर ने पहला स्थान प्राप्त कर अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुति का प्रभाव छोड़ा। आचार्य पत्र वाचन में भी बीसलपुर प्रथम रहा।
अंताक्षरी प्रतियोगिता में सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज बीसलपुर ने प्रथम स्थान हासिल किया। स्वरचित काव्य पाठ के किशोर और तरुण दोनों वर्गों में बीसलपुर के प्रतिभागियों ने पहला स्थान प्राप्त किया। तात्कालिक भाषण के किशोर वर्ग में भी बीसलपुर के विद्यार्थी अव्वल रहे। कथाकथन के विभिन्न वर्गों में पूरनपुर और पीलीभीत के विद्यालयों ने प्रथम स्थान हासिल किया।
प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में रामबाबू मिश्रा, सुभांकर, जितेंद्र मिश्र, अनूप अग्निहोत्री, मनोज त्रिपाठी, मंजू श्रीवास्तव, दिनेश पाल, सुषमा मिश्रा, सोमेश त्रिपाठी, मुकेश राठौर, शिवदयाल, ज्योति वर्मा, अंजू दीक्षित, पूजा, सुधीर शुक्ला, बालकृष्ण और प्रमोद कुमार मिश्रा शामिल रहे। प्रधानाचार्य डॉ. रविशरण सिंह चैहान ने कहा कि संस्कृत को केवल भाषा के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा की आधारशिला के रूप में समझने की जरूरत है। इस तरह के आयोजनों से विद्यार्थियों में भाषा के प्रति रुचि के साथ ही आत्मविश्वास और सांस्कृतिक गौरव की भावना भी विकसित होती है।
अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी प्रतिभागी विद्यालयों, निर्णायकों, आचार्यों और विद्यार्थियों के प्रति आभार जताया।
