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स्वाइन फ्लू! बुखार वाले मरीजों के खून की जांच कराएं डॉक्टर-डिप्टी सीएम


स्वाइन फ्लू को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार सतर्क है। डिप्टी सीएम ब्रिजेश पाठक ने स्वाइन फ्लू को लेकर कहा कि प्रदेश में वायरल फीवर के मरीजों की संख्या को देखते हुए हम लोगों ने प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों को और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा है। इसके साथ ही छोटे अस्पतालों को भी सतर्क रहने के लिए कहा है। कोई भी मरीज अगर बुखार की शिकायत को लेकर आता है तो उसके खून की जांच कराएं, पैथोलॉजिकल टेस्ट कराएं और उसके उपचार की व्यवस्था कराएं। सभी दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करा दी गई है। हर मरीज को गंभीरता से देखने के निर्देश दे दिए गए हैं।

युवाओं के रोजगार को लेकर उन्होंने कहा, "हमारी सरकार लगातार युवाओं के साथ प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। युवाओं को 9 लाख से अधिक सरकारी सेवाओं का अवसर उनके बुद्धि विवेक कौशल के आधार पर मिला है। इसके अलावा ODOP (एक जिला एक उत्पाद), स्वरोजगार और कौशल विकास के माध्यम से हम लगातार उन्हें रोजगार से जोड़ रहे हैं।

दिल्ली से सटे नोएडा में कई स्कूलों ने बच्चों को मौसमी बीमारियों से बचाने और छात्रों के बीच संक्रमण फैलने की संभावना को कम करने के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं। स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों के लिए एडवाइज़री जारी की है, जिसमें उनसे अपने बच्चों की सेहत पर खास ध्यान देने को कहा गया है। स्कूलों ने यह भी साफ़ कर दिया है कि जिन बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार या फ्लू जैसे लक्षण दिखें, उन्हें ठीक होने तक स्कूल न भेजा जाए।

अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे यह पक्का करें कि बीमारी के शुरुआती लक्षण वाले बच्चे घर पर ही रहें और पूरा आराम करें। उनसे यह भी कहा गया है कि ज़रूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लें और सिर्फ़ रेगुलर अटेंडेंस बनाए रखने के लिए बच्चों को स्कूल न भेजें।

बता दें कि दिल्ली में स्वाइन फ़्लू के मामलों में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते दिल्ली सरकार ने पब्लिक हेल्थ एडवाइज़री जारी की है और लोगों से सांस से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए बुनियादी साफ़-सफ़ाई के नियमों का पालन करने को कहा है। अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि वे भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें, बार-बार हाथ धोएं, सांस की बीमारी वाले लोगों के ज़्यादा करीब जाने से बचें और अगर फ़्लू जैसे लक्षण गंभीर हो जाएं या लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर को दिखाएं। हेल्थ डिपार्टमेंट के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल दिल्ली में H1N1 के 1,777 से ज़्यादा मामले सामने आए हैं। राजधानी में इन्फ्लूएंज़ा-A के भी 2,300 से ज़्यादा मामले सामने आए हैं, जिसके बाद अधिकारियों ने तैयारी तेज़ कर दी है

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